नई दिल्ली । मानसून के इस खुशनुमा मौसम में अक्सर हर घर के भीतर पूड़ी, पकौड़े, समोसे और पापड़ जैसी तली-भुनी चीजें बड़े चाव से बनाई जाती हैं। इन सभी पकवानों को तलने के बाद कड़ाही में अक्सर थोड़ा-बहुत तेल बच जाता है, जो एक बेहद सामान्य बात है। ज्यादातर लोग इस बचे हुए तेल को दोबारा खाना पकाने में इस्तेमाल करने से कतराते हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेल को बार-बार गर्म करके खाना सेहत के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। ऐसे में अधिकतर लोग इस इस्तेमाल किए गए तेल को बेकार समझकर सिंक या नाली में बहा देते हैं, जो कि बिल्कुल भी समझदारी भरा फैसला नहीं है।
रसोई के जानकारों और घरेलू विशेषज्ञों के मुताबिक, कड़ाही में बचा हुआ यह तेल खाने के योग्य भले ही न बचा हो, लेकिन यह घर के कई छोटे-मोटे और मुश्किल कामों को मिनटों में आसान बना सकता है। अगर अब तक आप भी इस बचे हुए कुकिंग ऑयल को कचरा समझकर फेंकते आ रहे थे, तो इसके कुछ बेहद असरदार और जबरदस्त फायदों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इस तेल का सही तरीकों से उपयोग करके आप न केवल पैसों की बचत कर सकते हैं, बल्कि अपने घर की कई कीमती चीजों को खराब होने से भी बचा सकते हैं।
इस तेल का सबसे पहला और बेहतरीन इस्तेमाल बर्तनों या अन्य सतहों से जिद्दी स्टिकर और गोंद हटाने के लिए किया जा सकता है। अक्सर नई कांच की बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों या नए बर्तनों पर लगे स्टिकर को निकालने के बाद वहां एक चिपचिपी गोंद की परत रह जाती है, जो आसानी से साफ नहीं होती। ऐसे में उस चिपचिपी जगह पर थोड़ा सा बचा हुआ तेल लगाकर करीब 10 मिनट के लिए छोड़ देना चाहिए। इसके बाद किसी कपड़े या स्पंज की मदद से हल्के हाथों से रगड़कर साफ करने पर वह जिद्दी गोंद बेहद आसानी से बिना किसी निशान के बाहर निकल जाता है।
इसके अलावा, घर में रखे पुराने लकड़ी के फर्नीचर जैसे टेबल, कुर्सी, अलमारी या दरवाजों की खोई हुई चमक को वापस लाने में भी यह तेल बेहद मददगार साबित होता है। जब भी लकड़ी के फर्नीचर की चमक फीकी पड़ने लगे, तो एक साफ और मुलायम कपड़े पर इस इस्तेमाल किए गए तेल की कुछ बूंदें लें और उसे लकड़ी की सतह पर हल्के हाथों से रगड़ें। इसके बाद एक दूसरे सूखे और साफ कपड़े से अतिरिक्त तेल को अच्छी तरह पोंछ लें। ऐसा करने से लकड़ी का पुराना फर्नीचर एक बार फिर से बिल्कुल नए जैसा साफ और चमकदार दिखाई देने लगता है।
घर की साफ-सफाई और मरम्मत के अलावा, यह बचा हुआ तेल एक बेहतरीन लुब्रिकेंट के रूप में भी काम करता है। घरों में अक्सर पुराने स्क्रू, नट या बोल्ट पर जंग लग जाता है, जिसके कारण उन्हें टूल्स की मदद से भी खोलना बेहद मुश्किल या नामुमकिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में जंग लगे हिस्सों पर थोड़ा सा बचा हुआ तेल डालकर कुछ समय के लिए छोड़ देना चाहिए। तेल के लुब्रिकेशन के प्रभाव से जंग ढीला पड़ जाता है और स्क्रू बिना किसी मशक्कत के आसानी से खुल जाते हैं।
चमड़े से बनी कीमती चीजों जैसे बेल्ट, बैग, जैकेट या जूतों की देखभाल के लिए भी इस तेल का उपयोग किया जा सकता है। जब चमड़े के उत्पादों की चमक कम होने लगे या उनमें सूखापन आने लगे, तो बेहद कम मात्रा में तेल को सूती कपड़े पर लेकर चमड़े की सतह को पोंछना चाहिए, जिससे उनकी चमक लौट आती है। हालांकि, इन सभी प्रयोगों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि तेल पूरी तरह जल चुका हो या उसमें से तेज दुर्गंध आ रही हो, तो उसे तुरंत नष्ट कर देना चाहिए और भूलकर भी दोबारा भोजन बनाने में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।