टोरंटो में खेले गए इस मुकाबले में जर्मनी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में Kai Havertz के पास गोल करने का शानदार अवसर था, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद Joshua Kimmich के बेहतरीन क्रॉस पर भी हैवर्ट्ज गोल नहीं कर सके क्योंकि कोटे डी आइवर के गोलकीपर Yahia Fofana ने शानदार बचाव किया।
पहले हाफ में जर्मनी को कॉर्नर से भी सफलता मिलती दिखी, जब Aleksandar Pavlovic ने हेडर से गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन रेफरी ने फाउल मानते हुए गोल को अमान्य घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, कोटे डी आइवर ने जवाबी हमला करते हुए बढ़त हासिल कर ली। Yan Diomande के लो क्रॉस पर हुए हमले में जर्मन डिफेंस गेंद को पूरी तरह क्लियर नहीं कर सका और रिबाउंड पर केसी ने गोल करते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ के बाद जर्मनी दबाव में था, लेकिन दूसरे हाफ में कोच Julian Nagelsmann का मास्टरस्ट्रोक काम आया। उन्होंने लगभग एक घंटे के खेल के बाद नदीम अमीरी और डेनिज उन्दाव को मैदान पर उतारा। यह बदलाव मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
मैदान पर आने के कुछ ही मिनटों बाद उन्दाव ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। कोटे डी आइवर के पास भी दोबारा बढ़त लेने का अवसर था, लेकिन Nicolas Pépé और Simon Adingra अंतिम क्षणों में मौका भुनाने में असफल रहे।
जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी इंजरी टाइम में जर्मनी को निर्णायक मौका मिला। Lukas Nmecha ने शानदार पास देकर उन्दाव को गेंद थमाई। उन्दाव ने बेहतरीन नियंत्रण और फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और जर्मनी को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।
यह प्रदर्शन उन्दाव के लिए भी बेहद खास रहा। जर्मनी के लिए पिछले आठ मुकाबलों में यह उनका नौवां गोल है, जो उनकी शानदार फॉर्म को दर्शाता है।