कस्टम अधिकारियों को विमान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान विमान के केबिन और विभिन्न तकनीकी हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई। जब टीम विमान के टॉयलेट तक पहुंची तो वहां एक असामान्य स्थिति दिखाई दी। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों और विमान इंजीनियरों की सहायता से टॉयलेट में लगे जनरल अनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बॉक्स की जांच की।
स्पीकर यूनिट को खोलने पर उसके भीतर दो विशेष पैकेट मिले, जिन्हें काले रंग की इलेक्ट्रिकल टेप से मजबूती से लपेटा गया था। पैकेटों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 24 विदेशी सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 2.8 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्करों ने सोने को विमान के टॉयलेट में छिपाकर रखने की सुनियोजित रणनीति अपनाई थी। आशंका है कि विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद कोई स्थानीय संपर्क, ग्राउंड स्टाफ का सदस्य अथवा कोई अन्य व्यक्ति इसे निकालकर आगे पहुंचाने वाला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह पूरी योजना सफल नहीं हो सकी और सोना बरामद कर लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान विमान में मौजूद किसी भी यात्री या कर्मचारी ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल व्यक्ति ने पकड़े जाने के डर से सोने को वहीं छोड़ दिया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
कस्टम विभाग अब उड़ान से जुड़े दस्तावेजों, यात्री विवरण, क्रू रिकॉर्ड और विमान की गतिविधियों की जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना विमान के भीतर किसने रखा और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और संपर्क सूत्रों की भी पहचान करने में जुटी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह लगातार नए और तकनीकी रूप से जटिल तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर सिस्टम का उपयोग कर सोना छिपाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल बरामद सोने को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।