नई दिल्ली । वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती का सीधा असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला है, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही इन दोनों धातुओं पर दबाव बढ़ गया और दाम एक प्रतिशत से अधिक फिसल गए। निवेशकों की नजरें अब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर टिकी हुई हैं, जो फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के जून अनुबंध की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई, लेकिन कुछ ही समय में गिरावट और गहरी हो गई। कारोबार के दौरान सोने के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह दिन के निचले स्तर की ओर खिसकता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर में मजबूती के कारण निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं, जिससे इसकी मांग पर दबाव बढ़ा है।
इसी तरह चांदी के दामों में भी कमजोर रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही चांदी में गिरावट दर्ज की गई और इसका असर पूरे सत्र में दिखाई दिया। चांदी भी एक प्रतिशत से अधिक कमजोर होकर कारोबार करती रही, जिससे कमोडिटी बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। डॉलर इंडेक्स में तेजी के चलते अन्य मुद्राओं में सोने की कीमतें महंगी हो गईं, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ा। डॉलर इंडेक्स प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की ताकत को दर्शाता है और जब यह मजबूत होता है तो सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर दबाव बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक संकेत और अमेरिकी मुद्रा की स्थिति ही कीमती धातुओं की दिशा तय कर रहे हैं। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बाजार में बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं। इसी कारण सोना और चांदी में कमजोरी का रुझान बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में भी इस दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में दबाव के कारण प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी आई, जिससे समग्र बाजार धारणा प्रभावित हुई।
फिलहाल बाजार की नजर डॉलर की आगे की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय कर सकते हैं।