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आईपीएल के 'नेट हीरो' वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल पिच पर हुए फेल, जोफ्रा आर्चर की सिर्फ 13 गेंदों ने खोली 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज की तकनीकी पोल

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा और उनका अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर गई भारतीय टीम के साथ जुड़े वैभव को भविष्य का एक उभरता हुआ सितारा माना जा रहा था। हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ मैच खेलने का मौका न मिलने के बाद जब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में पदार्पण का अवसर मिला, तो वे इंग्लिश पिचों की रफ्तार और अतिरिक्त उछाल के सामने लगातार संघर्ष करते हुए नजर आए। इस श्रृंखला ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी तकनीकी कमियों को उजागर कर दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के दौरान वैभव सूर्यवंशी और इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा थे। उस दौरान अभ्यास सत्रों के कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें वैभव नेट्स पर आर्चर की तेजतर्रार गेंदों के खिलाफ बेहद बेखौफ होकर बड़े शॉट्स खेलते हुए दिखाई दिए थे। यही नहीं, आईपीएल के मुख्य मुकाबलों में भी इस युवा खिलाड़ी ने जसप्रीत बुमराह, मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस जैसे दुनिया के सबसे घातक और अनुभवी तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना किसी डर के बल्लेबाजी की थी और कई शानदार छक्के भी जड़े थे।

मगर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की असली चुनौती आईपीएल के नेट्स और भारतीय पिचों से बिल्कुल अलग साबित हुई। इंग्लैंड की तेज और अतिरिक्त उछाल वाली पिचों पर जोफ्रा आर्चर ने वैभव के खिलाफ अपनी गति और सटीक बाउंस का बेहतरीन इस्तेमाल किया। श्रृंखला के पहले टी20 मैच में भले ही वैभव स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर आउट हुए थे, लेकिन उस मुकाबले में भी आर्चर ने अपनी शॉर्ट पिच गेंदों से उन्हें फ्रंट फुट पर आने का कोई मौका नहीं दिया था। इसके बाद दूसरे और तीसरे टी20 मुकाबले में आर्चर ने इसी रणनीति को आगे बढ़ाया और दोनों ही बार वैभव को शॉर्ट गेंद के जाल में फंसाकर अपना शिकार बनाया।

मैच के आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं कि जोफ्रा आर्चर ने इस युवा बल्लेबाज के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति के तहत गेंदबाजी की। आर्चर ने इस टी20 श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ कुल मिलाकर सिर्फ 13 गेंदें फेंकीं। इन 13 गेंदों के भीतर ही उन्होंने वैभव को दो बार आउट कर पवेलियन की राह दिखाई। इस दौरान वैभव आर्चर के खिलाफ केवल 18 रन ही बनाने में कामयाब हो सके, जिसमें दो छक्के शामिल थे। आर्चर की इस घातक और अनुशासित गेंदबाजी ने वैभव को क्रीज पर खुलकर खेलने की आजादी बिल्कुल नहीं दी।

इंग्लैंड दौरे पर खेले गए तीनों टी20 मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी को अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन वे उसे किसी बड़ी और मैच जिताऊ पारी में तब्दील करने में पूरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने इन मैचों में क्रमशः 14, 13 और 15 रनों का स्कोर बनाया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की प्रतिभा और क्षमता पर किसी को कोई शक नहीं है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लंबी रेस का घोड़ा बनने के लिए उन्हें शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अपनी तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन में भारी सुधार करना होगा, क्योंकि विदेशी दौरों पर यही तकनीक बल्लेबाजों की असली परीक्षा लेती है।

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