भारतीय क्रिकेट टीम को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज को आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं की कोशिश है कि पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया जाए। इसी कारण अंतिम टीम चयन से पहले कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
विराट कोहली को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अनुभवी बल्लेबाज पिछले कुछ समय से चोट से उबरने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। आईपीएल के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कोहली को टूर्नामेंट के अंतिम चरण में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना पड़ा और पुनर्वास प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
वर्तमान में कोहली अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं। टीम चयन से पहले उनकी फिटनेस का विस्तृत आकलन किया जाएगा। क्रिकेट बोर्ड के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हों और बिना किसी जोखिम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें। फिटनेस परीक्षण में सफल रहने की स्थिति में उनके इंग्लैंड दौरे के लिए चयन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की स्थिति पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। चोट के कारण हाल के मुकाबलों से बाहर रहे हार्दिक ने अब प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में वह हल्के अभ्यास सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर मेडिकल टीम लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में उनके अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि यह आकलन किया जा सके कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए कितने तैयार हैं।
भारतीय टीम के लिए हार्दिक का महत्व केवल एक बल्लेबाज या गेंदबाज तक सीमित नहीं है। वह टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी टीम संयोजन को अधिक मजबूत बनाती है। यही कारण है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विराट कोहली का अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता भारतीय शीर्ष क्रम को मजबूती देती है, जबकि हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।
चयन समिति आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट, फिटनेस स्तर और अभ्यास सत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट कोहली और हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।
फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों खिलाड़ी अपनी वापसी को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। यदि फिटनेस संबंधी सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को अनुभव, संतुलन और मजबूती का बड़ा फायदा मिल सकता है।