काठमांडू में सोमवार सुबह का समय सामान्य उड़ानों की तरह ही शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही पलों में हवाई अड्डे पर एक ऐसी स्थिति बन गई जिसने सभी को सतर्क कर दिया। एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान जैसे ही लैंडिंग के लिए रनवे पर उतरी, उसी दौरान विमान के पहियों से अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते यह धुआं आग की लपटों में बदल गया और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई।
विमान में सवार यात्री उस समय सुरक्षित लैंडिंग की उम्मीद में थे, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही स्थिति बदल गई। जैसे ही विमान ने रनवे को छुआ, लैंडिंग गियर के पास तेज गर्मी और आग की शुरुआत हुई। क्रू मेंबर्स ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और बिना देर किए इमरजेंसी प्रक्रिया शुरू कर दी। यात्रियों को शांत रखने की कोशिश के साथ सभी आपातकालीन दरवाजे खोले गए और लोगों को तेजी से बाहर निकालना शुरू किया गया।
इस विमान में बड़ी संख्या में यात्री और क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े लोग भी बताए जा रहे हैं। अचानक हुई इस घटना से कुछ पल के लिए अंदर बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई, लेकिन क्रू की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
इसी बीच एयरपोर्ट पर मौजूद आपातकालीन टीमों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। दमकल वाहनों ने बिना देरी किए रनवे पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही समय में आग को नियंत्रित कर लिया गया, हालांकि इस दौरान विमान रनवे पर ही खड़ा रहा और पूरे एयरपोर्ट की सामान्य उड़ान गतिविधियां प्रभावित हो गईं।
घटना के बाद कई उड़ानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी और उन्हें हवा में ही रोकना पड़ा। कुछ विमानों को लंबे समय तक आसमान में चक्कर लगाने पड़े, जबकि कुछ को वैकल्पिक समय के लिए इंतजार करना पड़ा। इससे यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा और हवाई अड्डे पर संचालन कुछ समय के लिए धीमा हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह माना जा रहा है कि लैंडिंग गियर या ब्रेक सिस्टम में किसी तकनीकी खराबी के कारण गर्मी बढ़ी और आग लग गई, हालांकि इसकी वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम विमान की तकनीकी स्थिति और रनवे के हालात की बारीकी से जांच कर रही है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से लिया गया निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है। समय रहते की गई कार्रवाई, क्रू की सतर्कता और एयरपोर्ट टीम की तत्परता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली और एक बड़े विमान हादसे को टाल दिया।