जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।