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मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी


मध्यप्रदेश । मंदसौर शहर में 31 दिसंबर 2025 की रात हुई सनसनीखेज डबल मर्डर और आत्महत्या की घटना की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब पांच महीने तक चली विस्तृत जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि राजस्थान के निम्बाहेड़ा निवासी सराफा कारोबारी विकास सोनी ने सोना कारोबारी दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या की थी तथा इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर की रात विकास सोनी स्कूटी से मंदसौर स्थित गोल चौराहा क्षेत्र में दिलीप जैन के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस समय घर में रेखा जैन मौजूद थीं। कुछ देर बाद दिलीप जैन भी घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, तीनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और उन्होंने साथ बैठकर चाय-नाश्ता भी किया।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय बाद दिलीप जैन और विकास सोनी के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान कथित रूप से विकास सोनी ने पहले हथियार निकालकर फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद उसने चाकू से हमला कर दिया।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप जैन पर कई बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर नीचे पहुंचीं रेखा जैन पर भी आरोपी ने हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी कुछ समय तक घर में ही मौजूद रहा और बाद में कथित रूप से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। बैलिस्टिक और फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि घटनास्थल से बरामद हथियार और गोली का संबंध आरोपी से था। गोली घर की छत में धंसी हुई मिली थी, जिसे जांच के दौरान जब्त किया गया।

सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से पिस्टल, चाकू, कारतूस, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच में आरोपी की आवाजाही स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई, जबकि किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या और आत्महत्या की इस घटना के पीछे मुख्य कारण कारोबारी लेन-देन से जुड़ा विवाद था। हालांकि कथित बकाया राशि और आर्थिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली।

मामले में दर्ज अपराध की जांच पूरी कर पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब अदालत में खात्मा प्रतिवेदन (क्लोजर रिपोर्ट) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। एक ओर जैन दंपती के बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच इस निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं कि यह मामला दोहरी हत्या और उसके बाद आत्महत्या का है।

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