मेलबर्न में हुई इस मुलाकात के बाद स्कॉट मॉरिसन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात के लिए समय निकाला और दोनों नेताओं ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिली नई गति पर चर्चा की। मॉरिसन ने हल्के अंदाज में यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री ने उनसे उनके भारतीय खाना बनाने के शौक के बारे में पूछा और जानना चाहा कि वह कैसा चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी मॉरिसन के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती है। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया की दोस्ती को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इस बातचीत में व्यापार, रणनीतिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
मॉरिसन का भारतीय व्यंजनों से लगाव पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। वर्ष 2022 में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते के बाद उन्होंने भारतीय और विशेष रूप से गुजराती व्यंजन बनाकर उसका जश्न मनाया था। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर रसोई में खाना बनाते हुए अपनी तस्वीरें साझा की थीं और बताया था कि उन्होंने खिचड़ी सहित कई पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके परिवार को भारतीय भोजन काफी पसंद आया।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे व्यक्तिगत और सांस्कृतिक संवाद द्विपक्षीय संबंधों को अधिक आत्मीय बनाते हैं। औपचारिक बैठकों के साथ जब नेता एक-दूसरे की संस्कृति, भोजन और जीवनशैली में रुचि दिखाते हैं, तो दोनों देशों के लोगों के बीच भी निकटता बढ़ती है। प्रधानमंत्री मोदी और स्कॉट मॉरिसन के बीच यह बातचीत उसी सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री वर्तमान में तीन देशों की यात्रा पर हैं और ऑस्ट्रेलिया इस दौरे का महत्वपूर्ण पड़ाव है। मेलबर्न पहुंचने पर उनका स्वागत ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय समुदाय के लोगों ने भी उत्साह के साथ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेलबर्न का मौसम भले ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय के स्नेह और गर्मजोशी ने विशेष अनुभव कराया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देगी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल के वर्षों में व्यापार, शिक्षा, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग में तेजी से विस्तार हुआ है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी करीबी साझेदार माने जाते हैं। ऐसे में मेलबर्न में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने दोनों देशों के संबंधों में मौजूद मानवीय और सांस्कृतिक पहलू को भी उजागर किया।