सबसे बड़ी घोषणा बिग बैश लीग (बीबीएल) को लेकर हुई। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बताया कि 12 दिसंबर को बीबीएल के 16वें सीजन का उद्घाटन मुकाबला चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच होगा। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में पहली बार बिग बैश लीग का कोई मैच विदेशी धरती पर आयोजित किया जाएगा, जिसे दोनों देशों के खेल संबंधों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
एमसीजी में प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले युवा खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने क्रिकेट, कबड्डी और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल खेल रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल लोगों और देशों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में दोनों देश युवा प्रतिभाओं के विकास, खेल प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल विज्ञान के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप भी लॉन्च किया। इस पहल के तहत खेल प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, खेल विज्ञान, निवेश और खेल उद्योग में सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। साथ ही दोनों देशों के युवा खिलाड़ियों के लिए यूथ स्पोर्ट्स फेस्टिवल आयोजित करने की भी घोषणा की गई, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा।
एमसीजी कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला कप्तान लीसा स्थालेकर भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्टीव वॉ के साथ मुलाकात कर तस्वीर खिंचवाई, जबकि लीसा स्थालेकर ने प्रधानमंत्री का ऑटोग्राफ लिया। प्रधानमंत्री ने शेन वॉर्न स्टैंड का भी दौरा किया और हाल ही में महिला टी20 विश्व कप जीतने पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को बधाई दी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक की मेजबानी करेगा। ऐसे में दोनों देशों के पास खेल, खेल उद्योग और युवा विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के व्यापक अवसर मौजूद हैं। यह पहल भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को खेल कूटनीति के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।