इंदौर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। खड़गे के बयान में प्रधानमंत्री को लेकर की गई तीखी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इंदौर में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और इसे न केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे देश का अपमान करार दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खड़गे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनके प्रति इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों से भटक चुकी है और केवल बयानबाजी के सहारे राजनीति करना चाहती है। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करता रहा है और अब प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहा है।
गोवा भाजपा अध्यक्ष दामोदर दादू नाइक ने तो खड़गे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर कांग्रेस अध्यक्ष का इस तरह का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है और इसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मध्य प्रदेश के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस के असली “चाल, चरित्र और चेहरा” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस नेता मर्यादा भूल चुके हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है।
भाजपा नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि कांग्रेस को इस बयान पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के बयान विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिनमें उनकी तुलना ‘रावण’, ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों के सरदार’ जैसे शब्दों से की गई थी। इसी वजह से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है।
भाजपा नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि कांग्रेस को इस बयान पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के बयान विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिनमें उनकी तुलना ‘रावण’, ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों के सरदार’ जैसे शब्दों से की गई थी। इसी वजह से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।