बुरहानपुर। जिले की तुकईथड़ कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर चना बेचने पहुंचे किसानों को मंगलवार को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। कई किसान अपनी उपज लेकर रात से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मंडी परिसर में पहुंच गए थे, लेकिन मंडी का मुख्य गेट सुबह से दोपहर 12 बजे तक बंद रहने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
रातभर मंडी के बाहर डटे रहे किसान
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान रात में ही मंडी पहुंच गए थे ताकि सुबह जल्दी अपनी उपज की बिक्री कर सकें। लेकिन सुबह होने के बाद भी जब मंडी का गेट नहीं खुला तो किसानों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिला। कई किसान खुले आसमान के नीचे पूरी रात अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान रात में ही मंडी पहुंच गए थे ताकि सुबह जल्दी अपनी उपज की बिक्री कर सकें। लेकिन सुबह होने के बाद भी जब मंडी का गेट नहीं खुला तो किसानों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिला। कई किसान खुले आसमान के नीचे पूरी रात अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
गेट बंद रहने से बढ़ी परेशानी
मंडी गेट पर ताला लगा होने के कारण किसानों को न तो प्रवेश मिल पाया और न ही खरीदी प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती गई और मौके पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
मंडी गेट पर ताला लगा होने के कारण किसानों को न तो प्रवेश मिल पाया और न ही खरीदी प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती गई और मौके पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा
स्थिति बिगड़ती देख नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए, जिसके बाद खरीदी प्रक्रिया को शुरू कराने की कवायद तेज हुई।
स्थिति बिगड़ती देख नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए, जिसके बाद खरीदी प्रक्रिया को शुरू कराने की कवायद तेज हुई।
दोपहर 12 बजे खुला गेट, शुरू हुई खरीदी
लगभग दोपहर 12 बजे मंडी का गेट खोला गया और चना खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद धीरे-धीरे किसानों की भीड़ को नियंत्रित किया गया और उपज की तुलाई व खरीदी कार्य प्रारंभ हुआ।
लगभग दोपहर 12 बजे मंडी का गेट खोला गया और चना खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद धीरे-धीरे किसानों की भीड़ को नियंत्रित किया गया और उपज की तुलाई व खरीदी कार्य प्रारंभ हुआ।
अधिकारियों का पक्ष व्यवस्था सामान्य हुई
उप संचालक कृषि एवं खरीदी प्रभारी एमएस देवके ने बताया कि मंडी मैनेजर के पारिवारिक कारणों से समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण देरी हुई। जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत वैकल्पिक कर्मचारी भेजकर खरीदी शुरू कराई गई। उन्होंने कहा कि दोपहर तक सभी व्यवस्थाएं सामान्य हो गईं और खरीदी कार्य सुचारू रूप से चलने लगा।
उप संचालक कृषि एवं खरीदी प्रभारी एमएस देवके ने बताया कि मंडी मैनेजर के पारिवारिक कारणों से समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण देरी हुई। जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत वैकल्पिक कर्मचारी भेजकर खरीदी शुरू कराई गई। उन्होंने कहा कि दोपहर तक सभी व्यवस्थाएं सामान्य हो गईं और खरीदी कार्य सुचारू रूप से चलने लगा।
प्रशासन ने बताया अधिकार क्षेत्र का मामला
इस पूरे मामले पर एसडीएम भागीरथ वाखला ने कहा कि यह विषय उप संचालक कृषि के अधिकार क्षेत्र में आता है और आगे की व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा देखी जाएगी।
इस पूरे मामले पर एसडीएम भागीरथ वाखला ने कहा कि यह विषय उप संचालक कृषि के अधिकार क्षेत्र में आता है और आगे की व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा देखी जाएगी।
किसानों में नाराजगी बरकरार
हालांकि खरीदी शुरू हो गई, लेकिन किसानों ने देर से प्रक्रिया शुरू होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था होती तो उन्हें रातभर परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
हालांकि खरीदी शुरू हो गई, लेकिन किसानों ने देर से प्रक्रिया शुरू होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था होती तो उन्हें रातभर परेशानी नहीं उठानी पड़ती।