जानकारी के अनुसार, मंडी में प्याज की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे, लेकिन पर्याप्त व्यवस्थाओं की कमी के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क पर ही खड़ा करना पड़ा। इससे मंडी के बाहर मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह रुक गया और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर जाम में बदल गई।
जाम के कारण मंडी में होने वाली प्याज की नीलामी (डाक) भी प्रभावित हुई। कई किसानों ने मंडी प्रशासन की अव्यवस्था पर नाराजगी जताई और कहा कि हर साल आवक बढ़ने पर इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
करीब तीन घंटे तक चले इस जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और भीड़भाड़ के बीच लोग लंबे समय तक सड़क पर ही फंसे रहे।
मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने बताया कि प्याज की आवक असामान्य रूप से अधिक होने के कारण यह स्थिति बनी। कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सड़क पर खड़े होने से जाम बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंडी का दूसरा गेट खोलकर वाहनों को अंदर प्रवेश दिलाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।