रहस्यमयी हमलों से आतंकियों में खौफ
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के कई बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई है। स्थानीय मीडिया अक्सर इन घटनाओं के पीछे अज्ञात बंदूकधारियों का हाथ बताता है। खासकर 2023 के बाद ऐसे मामलों में तेजी आई, जब सात महीनों में सात बड़े आतंकी मारे गए।
‘अनजान शिकारी’ के निशाने पर बड़े नाम
इन हमलों में कई कुख्यात आतंकी ढेर हो चुके हैं—
मोहम्मद ताहिर अनवर: जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का भाई, जिसकी हाल ही में संदिग्ध मौत हुई।
अबू कतल (कतल सिंधी): हाफिज सईद का करीबी और 2024 रियासी हमले का मास्टरमाइंड, मार्च 2023 में मारा गया।
शाहिद लतीफ: 2016 पठानकोट हमले का मुख्य आरोपी, अक्टूबर 2023 में सियालकोट में ढेर।
परमजीत सिंह पंजवड़: मई 2023 में लाहौर में सुबह की सैर के दौरान गोली मार दी गई।
मुफ्ती कैसर फारूक: हाफिज सईद का सहयोगी, कराची में अक्टूबर 2023 में निशाना बनाया गया।
ख्वाजा शाहिद (मियां मुजाहिद): PoK से अगवा, बाद में सिर कटी लाश बरामद हुई।
अकरम खान गाजी: लश्कर की भर्ती से जुड़ा चेहरा, नवंबर 2023 में बाइक सवार हमलावरों ने मार डाला।
पुराने मामलों का भी हो रहा हिसाब
यह सिलसिला केवल हाल के आतंकियों तक सीमित नहीं है। 1999 के IC-814 विमान अपहरण कांड के एक मुख्य आरोपी मिस्त्री जहूर इब्राहिम को भी मार्च 2022 में कराची में मार दिया गया था। वह लंबे समय से फर्जी पहचान के साथ छिपा हुआ था, लेकिन हमलावरों से बच नहीं सका।
कौन है इन हमलों के पीछे? बना हुआ है रहस्य
लगातार हो रही इन घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, आतंकी संगठनों के बीच डर का माहौल गहराता जा रहा है। इन हमलों को अंजाम देने वाला ‘धुरंधर’ कौन है, यह अब तक साफ नहीं हो सका है, जिससे यह रहस्य और भी गहरा हो गया है।