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बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।


नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के उन्नीसवें सीजन में जहां एक ओर बल्लेबाजों का बल्ला जमकर आग उगल रहा है और स्कोरबोर्ड पर बड़े लक्ष्य टंगे दिखाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे गेंदबाज भी हैं जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से रन बनाना मुश्किल कर दिया है। आधुनिक क्रिकेट में जब दो सौ और ढाई सौ रनों का आंकड़ा पार करना सामान्य बात हो गई है तब गेंदबाजों के लिए रनों पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कुछ दिग्गज गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ के दम पर डॉट गेंदों की झड़ी लगा दी है जो विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही है।

इस सीजन में डॉट गेंदों के मामले में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी सबसे प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए शमी ने नई गेंद के साथ अपनी कला और अनुभव का बेहतरीन नमूना पेश किया है। अब तक खेले गए छह मुकाबलों में वे साठ से अधिक डॉट गेंदें फेंक चुके हैं जिसका सीधा अर्थ है कि उन्होंने अपने कोटे के महत्वपूर्ण ओवरों में बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया है। उनकी इस सधी हुई गेंदबाजी के कारण न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर लगाम लगी है बल्कि इसका फायदा टीम के अन्य गेंदबाजों को भी विकेट के रूप में मिल रहा है।

गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद सिराज भी इस सूची में मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए हैं। सिराज ने पावरप्ले के दौरान अपनी गति और स्विंग से विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। छह मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वे शमी के बेहद करीब नजर आते हैं और लगातार डॉट गेंदें निकालकर बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर कर रहे हैं। सिराज की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि वे शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के साथ-साथ रनों के प्रवाह को रोकने में भी सफल रहे हैं जो टी20 प्रारूप में किसी भी कप्तान के लिए सबसे बड़ी राहत होती है।

स्पिन विभाग में कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन का जादू एक बार फिर सर चढ़कर बोल रहा है। नरेन की मिस्ट्री स्पिन को पढ़ना बल्लेबाजों के लिए आज भी एक कठिन पहेली बना हुआ है। उन्होंने इस सीजन में अपनी इकॉनमी रेट को सात से नीचे बनाए रखा है जो उनकी गेंदबाजी की सटिकता को दर्शाता है। मध्य ओवरों में जब बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं तब नरेन अपनी विविधताओं से उन्हें बांधे रखते हैं। उनके स्पैल में डॉट गेंदों की संख्या यह स्पष्ट करती है कि अनुभव के साथ उनकी गेंदबाजी और अधिक धारदार होती जा रही है और वे आज भी अपनी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं।

राजस्थान रॉयल्स के लिए जोफ्रा आर्चर की वापसी इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबरों में से एक रही है। चोट की लंबी अवधि के बाद मैदान पर लौटे आर्चर ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। उनकी अतिरिक्त उछाल और तेज गति बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पर्याप्त है। छह मैचों के अंतराल में उन्होंने न केवल डॉट गेंदें निकाली हैं बल्कि महत्वपूर्ण समय पर विकेट चटकाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आर्चर की मौजूदगी ने राजस्थान के गेंदबाजी आक्रमण को एक नई मजबूती दी है जिससे डेथ ओवरों में भी रनों पर अंकुश लगाना आसान हो गया है। कुल मिलाकर इस सीजन में गेंदबाजों की यह चौकड़ी बल्लेबाजों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रही है।

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