नई दिल्ली ।फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी लॉरस लैब्स ने पिछले एक साल में शेयर बाजार में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर से करीब 120 प्रतिशत तक उछल चुका है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लगभग 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इस तेजी के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी लगभग दोगुना होकर नए स्तर पर पहुंच गया है, जिसने इसे बाजार की सबसे चर्चित स्टॉक्स में शामिल कर दिया है।
हैदराबाद स्थित इस फार्मा कंपनी के शेयर ने हाल ही में नया 52 हफ्तों का उच्च स्तर छुआ, जिससे बाजार में इसकी मजबूत स्थिति और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत मिला है। तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, शेयर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो इसकी मजबूत अपट्रेंड को दर्शाता है। लगातार बेहतर होते वित्तीय नतीजों और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस ने इस तेजी को और समर्थन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी ने पिछले कुछ समय में अपने बिजनेस मॉडल में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। मार्जिन में मजबूती, कमाई में बढ़ोतरी और एपीआई तथा कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेगमेंट्स में बेहतर प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। पहले जिस कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था, अब वह रिकवरी के मजबूत संकेत दे रही है, जिससे बाजार में इसके प्रति सकारात्मक धारणा बनी हुई है।
पूरे फार्मा सेक्टर की बात करें तो यह बाजार में अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है। जब भी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है या बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, तब फार्मा कंपनियों के शेयर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनकर उभरते हैं। यही कारण है कि पिछले एक साल में जहां मुख्य बाजार सूचकांक में गिरावट देखने को मिली, वहीं फार्मा सेक्टर ने मजबूती के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है।
इस सेक्टर में कई अन्य कंपनियों ने भी अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन लॉरस लैब्स की रैली सबसे अधिक चर्चा में रही है। ग्लेनमार्क, टोरेंट फार्मा, बायोकॉन और ऑरोबिंदो फार्मा जैसी कंपनियों ने भी निवेशकों को अच्छा लाभ दिया है, जिससे पूरे सेक्टर में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं और हेल्थकेयर की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए फार्मा सेक्टर को सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसी कारण निवेशकों की दिलचस्पी इस सेक्टर में लगातार बनी हुई है, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित बना हुआ हो।
हालांकि, इतनी तेज रैली के बाद कुछ विशेषज्ञ सतर्कता की सलाह भी दे रहे हैं। उनका मानना है कि शेयर में हालिया तेजी के बाद वैल्यूएशन थोड़ा ऊंचा हो चुका है, जिससे आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। नए निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय सही मौके का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, शेयर में अभी भी अपट्रेंड बरकरार है और आगे भी इसमें बढ़त की संभावना देखी जा रही है। हालांकि, कुछ प्रमुख स्तरों पर रुकावट भी देखने को मिल सकती है, जहां से बाजार में हल्का दबाव आ सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए संतुलित रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।