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खून की कमी से बचने के लिए बदलें खानपान की आदतें, आयरन युक्त सुपरफूड्स और विटामिन C से मिल सकता है बेहतर पोषण

नई दिल्ली । शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त का वह प्रमुख घटक है जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। जब इसका स्तर कम होने लगता है तो व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और दैनिक कार्यों में ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में संतुलित और पोषणयुक्त आहार अपनाना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केवल आयरन ही नहीं बल्कि फोलेट, विटामिन बी12 और विटामिन सी भी शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण और आयरन के बेहतर अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जो इन सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर हों। यदि लंबे समय तक हीमोग्लोबिन का स्तर कम बना रहे तो चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार भी आवश्यक होता है।

पालक को आयरन, फोलेट और विटामिन ए का अच्छा स्रोत माना जाता है। नियमित रूप से पालक की सब्जी, सूप या अन्य रूपों में इसका सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इसके साथ विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने से आयरन के अवशोषण में भी सहायता मिल सकती है। इसी तरह चुकंदर में आयरन, फोलेट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि केवल चुकंदर के सेवन से ही हीमोग्लोबिन बढ़ने का दावा वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त नहीं माना जाता, इसलिए संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण है।

अनार भी पोषण से भरपूर फलों में शामिल है। इसमें आयरन के साथ विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण देने में सहायक हो सकते हैं। वहीं गुड़ और भुना चना पारंपरिक रूप से लोकप्रिय संयोजन हैं। गुड़ में सीमित मात्रा में आयरन होता है जबकि भुना चना प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। हालांकि मधुमेह के मरीजों को गुड़ का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

दालें, राजमा, लोबिया और चना जैसे खाद्य पदार्थ आयरन तथा प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इन्हें नियमित भोजन का हिस्सा बनाने से शरीर को आवश्यक पोषण मिल सकता है। अंकुरित अनाज और दालें भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती हैं। इसके अलावा खजूर और किशमिश जैसे सूखे मेवों में आयरन सहित कई महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं, जो सीमित मात्रा में सेवन करने पर ऊर्जा और पोषण प्रदान कर सकते हैं।

आयरन युक्त भोजन के साथ संतरा, मौसमी, आंवला, नींबू और अमरूद जैसे विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन भी लाभकारी माना जाता है क्योंकि ये शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। यदि लगातार कमजोरी, चक्कर आना या हीमोग्लोबिन कम रहने की शिकायत बनी रहे तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित जांच और उपचार कराना सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है।

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