पहली घटना सारंगपुर रेलवे स्टेशन की है, जो जिला मुख्यालय शाजापुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। जानकारी के अनुसार, हापा एक्सप्रेस जब स्टेशन पर पहुंची तो एक यात्री ट्रेन के गेट के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उसका पैर प्लेटफॉर्म से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्री के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वह दर्द से कराह उठा। आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ की मदद से घायल को तुरंत नीचे उतारा गया और प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
दूसरी घटना आक्या चौहान रेलवे स्टेशन पर हुई। बताया जा रहा है कि ट्रेन जैसे ही थोड़ी देर के लिए रुकी, एक यात्री पानी भरने के लिए नीचे उतरा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफॉर्म के पास गिरकर घायल हो गया। गिरने से यात्री को चोटें आईं और वह उठने में असमर्थ हो गया। मौके पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दी, जिसके बाद उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया।
दोनों घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले यात्रियों के रूप में हुई है। एक की पहचान बलिया निवासी मुक्तिनाथ यादव और दूसरे की गाजीपुर निवासी सुमित कुमार के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, दोनों यात्री अहमदाबाद में मजदूरी और निजी कंपनी में काम करने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे थे।
घटनाएं सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच हुईं। दोनों मामलों में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की लापरवाही को भी कारण माना जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों यात्रियों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यात्रियों से अपील की जा रही है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और चलती ट्रेन के दरवाजों के पास न बैठें।
इन घटनाओं ने एक बार फिर रेलवे सफर के दौरान सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। यात्रियों की छोटी सी लापरवाही कभी-कभी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।