जेडी वेंस ने जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली इस बैठक से परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति होगी। साथ ही उन्होंने लेबनान में लागू नाजुक संघर्ष विराम को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत पहले से ही शुरू हो चुकी है। यह वार्ता ल्यूसर्न के पास किसी डिप्लोमैटिक स्थल पर होने की संभावना है और इसमें कई दिनों तक चर्चा चल सकती है।
वेंस ने बताया कि इस बातचीत का शुरुआती लक्ष्य एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना और आगे की वार्ता के लिए मजबूत आधार बनाना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे स्वयं इस दौरे पर एक-दो दिन ही रह सकते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
मिडिल ईस्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव ने पहले से ही शांति प्रयासों को प्रभावित किया है। ऐसे में अमेरिका इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रहा है।
वेंस ने कहा कि हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और डिप्लोमैटिक टीम के प्रयासों की भी सराहना की, साथ ही स्वीकार किया कि संघर्ष विराम को बनाए रखना लगातार निगरानी और प्रयास की मांग करता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।