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बीजिंग में शी जिनपिंग-पुतिन की बैठक: दुनिया ‘जंगलराज’ की ओर बढ़ रही, ईरान युद्ध रोकने की अपील



नई दिल्ली। बीजिंग में वैश्विक राजनीति पर बड़ा बयान देते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान जिनपिंग ने कहा कि दुनिया एक बार फिर “जंगलराज” जैसी स्थिति की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय नियम और वैश्विक स्थिरता कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

एक रिर्पोट के मुताबिक, बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि युद्ध और सैन्य कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर पूरी दुनिया की शांति और व्यवस्था पर पड़ेगा।

जिनपिंग ने कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक चलने वाले युद्ध वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर रहे हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की भूमिका कमजोर हो सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान हालात में संघर्षों को रोकना और संवाद के जरिए समाधान निकालना बेहद जरूरी है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और BRICS जैसे मंचों पर भी चर्चा की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में रूस और चीन के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहे हैं।

पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और चीन की साझेदारी का उद्देश्य न केवल आर्थिक विकास है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।

इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी चर्चा की, जिनमें ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरे में लगभग 40 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के बीच बढ़ती यह साझेदारी वैश्विक शक्ति संतुलन को नया रूप दे रही है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट जैसी स्थितियों से दुनिया में तनाव बढ़ा हुआ है।

गौरतलब है कि शी जिनपिंग और व्लादिमिर पुतिन अब तक 40 से अधिक बार मिल चुके हैं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। दोनों नेता अक्सर खुद को “मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर” के समर्थक के रूप में पेश करते हैं, जिसमें वैश्विक शक्ति केवल एक देश के हाथों में नहीं बल्कि कई देशों में बंटी होती है।

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