CM Mohan Yadav: भोपाल। मध्यप्रदेश के विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अवशेष मंगोलिया के लिए रवाना किए गए। इस अवसर पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल पर यह ऐतिहासिक यात्रा भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को नई मजबूती देगी।
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नई दिल्ली में हो सकेंगे दर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 मई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में इन पवित्र अवशेषों को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 30 मई को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से इन्हें मंगोलिया भेजा जाएगा। साथ ही मंगोलिया में 31 मई से इन अवशेषों की ऐतिहासिक प्रदर्शनी शुरू होगी, जहां श्रद्धालु एक महीने तक दर्शन कर सकेंगे।
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भारत-मंगोलिया रिश्तों को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारत-मंगोलिया के रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे। साथ ही बौद्ध सर्किट और वैश्विक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को वैश्विक मंच पर अपने बौद्ध सर्किट को स्थापित करने का यह एक बड़ा अवसर है।
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सांची बनेगा वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र
सांची स्तूप यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल दुनिया के सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांची के आसपास 30 किलोमीटर के दायरे में कई ऐतिहासिक बौद्ध स्थल मौजूद हैं, जो भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की गूंज आज भी संजोए हुए हैं।