Jabalpur Land Fraud Case : जबलपुर में सरकारी जमीन बेचने वाला नटवरलाल धराया! 69.5 लाख ठगकर था फरार
Jabalpur Land Fraud Case : आरोप है कि मनीष ने सराफा व्यापारी नीरज सोनी से जमीन के सौदे के नाम पर 69.50 लाख रुपए लिए।
Jabalpur Land Fraud Case : मध्य प्रदेश। जबलपुर में सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराकर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। माढ़ोताल क्षेत्र की सीलिंग की सरकारी जमीन को निजी जमीन बताकर बेचने के आरोपी मनीष त्रिपाठी को पीड़ित ने गुरुवार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि मनीष ने सराफा व्यापारी नीरज सोनी से जमीन के सौदे के नाम पर 69.50 लाख रुपए लिए। पीड़ित का यह भी आरोप है कि इसी जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर तीन अन्य लोगों ने अलग-अलग बैंकों से लाखों रुपए का लोन लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
ब्रोकर के जरिए आरोपी से हुई थी मुलाकात
कांचघर निवासी नीरज सोनी के मुताबिक, अगस्त 2022 में उनकी मुलाकात एक ब्रोकर के जरिए करमेता निवासी मनीष त्रिपाठी और उसके साथी सोनू चौबे से हुई थी। दोनों ने माढ़ोताल के पास 4500 और 450 वर्गफुट के दो प्लॉट दिखाए।
आरोप है कि मनीष ने जमीन से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए और उसे अपनी संपत्ति बताया। इसके बाद दोनों प्लॉट का सौदा 69.50 लाख रुपए में तय हुआ। नीरज ने 10 लाख रुपए एडवांस दिए और इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।
बाउंड्रीवॉल बनाते ही सामने आया सरकारी जमीन का मामला
रजिस्ट्री के बाद नीरज सोनी ने 1 दिसंबर 2022 को खरीदे गए प्लॉट पर बाउंड्रीवॉल बनवाई। कुछ दिन बाद 15 दिसंबर को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम ने जमीन को सरकारी सीलिंग की जमीन बताते हुए बाउंड्रीवॉल हटा दी। इसके बाद नीरज को जमीन के वास्तविक रिकॉर्ड और उसके स्वामित्व को लेकर शक हुआ। पीड़ित के अनुसार, यहीं से पूरे मामले की जांच शुरू हुई और कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आने लगी।
एक ही जमीन की कई रजिस्ट्री का आरोप
नीरज सोनी का आरोप है कि जांच के दौरान पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम कराई गई थी, उसी जमीन की रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम पर भी की गई। आरोप के मुताबिक, रुकसार खातून, सोना ठाकुर और छाया रानू दुबे के नाम पर भी इसी प्लॉट से संबंधित रजिस्ट्रियां कराई गईं। इन दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लाखों रुपए का लोन लेने की बात भी सामने आई है। पीड़ित ने इस पूरे मामले में तहसील कार्यालय के कर्मचारियों और पटवारी की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
ओमती में दोबारा सौदा करते पकड़ा
नीरज सोनी के अनुसार, मामले को लेकर करीब चार साल से शिकायत की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को उन्हें जानकारी मिली कि मनीष त्रिपाठी ओमती क्षेत्र में उसी जमीन के दस्तावेज दिखाकर दोबारा सौदा करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलने के बाद नीरज मौके पर पहुंचे। उन्होंने मनीष को पकड़ लिया और माढ़ोताल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार के अनुसार, नीरज सोनी की शिकायत पर मनीष त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस सोनू चौबे, शक्ति यादव और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही कथित फर्जी रजिस्ट्रियों और उनके आधार पर लिए गए बैंक लोन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
