मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला: किसानों को जमीन पर 4 गुना मुआवजा, 12 नई सड़कों पर लगी मुहर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों को चार गुना मुआवजा देने और सिवनी-बालाघाट फोरलेन सहित 12 नई सड़कों की मंजूरी देकर विकास की राजनीति को नई दिशा दी है।
मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने विकासोन्मुखी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई। भोपाल में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने किसानों के असंतोष को दूर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की नई नीति को हरी झंडी दी है। इस फैसले के तहत किसान की रजामंदी पर सरकार सीधे जमीन क्रय करेगी और बाजार मूल्य के मुकाबले चार गुना मुआवजा देगी। राजनीतिक दृष्टि से यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की साख को मजबूत करने और 12 नई सड़कों के जरिए क्षेत्रीय विकास को साधने का प्रयास माना जा रहा है।
जमीन अधिग्रहण की जटिलताओं को खत्म करने का राजनीतिक दांव
राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण को लेकर एक ऐसा नीतिगत मॉडल अपनाया है जो किसानों के हितों और विकास की रफ्तार के बीच संतुलन बनाता है। नए नियमों के अनुसार, जमीन मालिक की इच्छा और सहमति होने पर सरकार सीधे खरीद प्रक्रिया पूरी करेगी और चार गुना मुआवजा राशि का तुरंत भुगतान करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नीति से जमीन अधिग्रहण को लेकर होने वाले कानूनी विवादों और किसान आंदोलनों की संभावना समाप्त होगी, जिससे विकास कार्यों में लगने वाला समय घटेगा और प्रोजेक्ट्स को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन से महाकौशल को 3,458 करोड़ की सौगात
क्षेत्रीय संतुलन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। लगभग 91.64 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पेव्ड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 3,458 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 12 अन्य नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि बुनियादी ढांचे का विस्तार उसके विजन का मुख्य आधार है।
युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी नीतियों पर नीति आयोग का सहयोग
युवा वर्ग के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए कैबिनेट में रोजगार और स्वरोजगार के मुद्दे पर भी गंभीर मंथन हुआ। राज्य शासन नीति आयोग की सिफारिशों के अनुरूप मध्य प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा के ढांचे को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार ढालने की रणनीति बना रहा है। विभिन्न सरकारी विभागों को एक साथ जोड़कर युवाओं के लिए कौशल उन्नयन और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर सृजित करने की योजना पर तेजी से अमल किया जाएगा।
फार्मर आईडी से हर किसान तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच
किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए 20 अगस्त से शुरू किए गए 'फार्मर आईडी अभियान' को कैबिनेट ने सराहा है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी अमला खुद गांव-गांव जाकर किसानों का पंजीकरण कर रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं किसानों से संवाद कर आईडी बनवाने का आह्वान किया है, जिससे सरकारी योजनाओं और डीबीटी का लाभ सीधे उनके खातों में पहुंच सके और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो।
90% निर्णयों पर अमल का दावा और मानसून पर प्रशासनिक सख्ती
कैबिनेट बैठक में सुशासन के मॉडल को रेखांकित करते हुए बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा लिए गए लगभग 90 प्रतिशत निर्णयों का सफल क्रियान्वयन जमीन पर हो चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री ने मानसून की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए अतिवृष्टि वाले जिलों में तत्काल राहत पहुंचाने और कम वर्षा वाले अंचलों में कृषि की वैकल्पिक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी वर्ग को प्राकृतिक आपदा से परेशानी न हो।
