Balaghat Mystery Disease : बैगा अंचल में फैली रहस्यमय बीमारी! 30 से ज्यादा बच्चे अस्पताल में एडमिड
Balaghat Mystery Disease : कलेक्टर कुमार सत्यम ने घुम्मुर, कुंडेकसा, कोरका, बोंदारी, मछुरदा, धर्मशाला और गठिया में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के काम का जायजा लिया।
Balaghat Mystery Disease : मध्य प्रदेश। बालाघाट के बैगा आदिवासी क्षेत्र में अज्ञात बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। 13 अगस्त की रात 23 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब अस्पताल में भर्ती बच्चों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। इनमें 27 बच्चे सामान्य वार्ड में हैं, जबकि 12 बच्चों को आईसीयू में रखा गया है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीमारी की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। हालिया रिपोर्टों में भी बीमारी के कारण को लेकर जांच जारी होने की बात सामने आई है।
मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
बच्चों की मौत और बीमारी के मामले में मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग मित्र फिरोजा खान के अनुसार, कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। कलेक्टर को दो सप्ताह और CMHO को एक सप्ताह में जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक संजय उईके ने दावा किया कि पिछले ढाई महीने में 19 बच्चों की मौत हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8 मौतों की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई है। मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावों के बीच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा रहे हैं। बीमारी की वास्तविक वजह और मौतों के कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कलेक्टर ने प्रभावित गांवों का किया दौरा
कलेक्टर कुमार सत्यम ने बैगा बहुल प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने घुम्मुर, कुंडेकसा, कोरका, बोंदारी, मछुरदा, धर्मशाला और गठिया में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के काम का जायजा लिया। इन गांवों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग की जा रही है। कलेक्टर ने बच्चों के परिजनों से भी बातचीत की और बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
पानी और स्वच्छता पर भी विशेष निगरानी
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी और स्वच्छता व्यवस्था पर भी ध्यान बढ़ाया है। कलेक्टर ने छात्रावास की पानी की टंकियों की नियमित सफाई के निर्देश दिए। हैंडपंपों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पानी का क्लोरीनेशन कराने को कहा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य परीक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व सांसद ने सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बच्चों की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बैगा आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति और बच्चों के पालन-पोषण से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से बैगा परिवारों के बच्चों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था करने की मांग की है। हालांकि, बीमारी की वजह और मौतों के वास्तविक कारणों पर अभी जांच जारी है।
