जबलपुर धान घोटाला : हाईकोर्ट ने प्रदेश स्तर पर जांच के दिए निर्देश, SCSG और EOW से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Jabalpur Paddy Scam : हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन से भी शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है।
Jabalpur Paddy Scam : मध्य प्रदेश। जबलपुर में सामने आए करीब 34 करोड़ रुपये के कथित धान परिवहन घोटाले की जांच अब पूरे मध्य प्रदेश में होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिले में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने EOW से भी जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
सभी जिलों में होगी जांच
मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने मध्य प्रदेश सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन को शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है। वहीं EOW को अब तक की जांच और कार्रवाई की स्थिति बतानी होगी। कोर्ट के निर्देश के बाद अब जांच का दायरा जबलपुर से बढ़कर पूरे प्रदेश तक पहुंच गया है।
स्कूटर और बसों से धान परिवहन का आरोप
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि धान परिवहन के रिकॉर्ड में ऐसे वाहनों के नंबर दर्ज किए गए, जिनसे इतनी बड़ी मात्रा में धान ले जाना संभव नहीं था। कुछ मामलों में दोपहिया और तिपहिया वाहनों से 100 से 200 क्विंटल तक धान परिवहन दिखाया गया। बसों और कम क्षमता वाले दूसरे वाहनों के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठे हैं।
90 से ज्यादा FIR दर्ज
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, जबलपुर में जांच के बाद 90 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गईं। मामले में 19 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। इनमें सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन से जुड़े कर्मचारी, ऑपरेटर, राइस मिलर्स और सहकारी समितियों के कर्मचारी शामिल बताए गए हैं।
1.53 लाख क्विंटल धान का रिकॉर्ड
जांच के अनुसार, 165 कथित फर्जी वाहनों से 694 ट्रिप में करीब 1.53 लाख क्विंटल धान का परिवहन कागजों में दिखाया गया। कुछ वाहनों की क्षमता 200 क्विंटल से कम थी, लेकिन रिकॉर्ड में 400 क्विंटल तक धान लोड दिखाया गया। 55 कार, पिकअप, ट्रैक्टर और कम क्षमता वाले वाहनों से भी कथित फर्जी ट्रिप दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जबलपुर के बाद दूसरे जिलों पर नजर
याचिका में मंडला, सिवनी और बालाघाट समेत कुछ अन्य जिलों में भी ऐसी गड़बड़ियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
EOW देगी जांच की स्टेटस रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने EOW को जबलपुर मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन को भी बताना होगा कि जबलपुर में गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रदेश स्तर पर क्या कार्रवाई की गई। सभी जिलों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कथित धान परिवहन घोटाला कितने जिलों तक फैला है।
