ईरान-अमेरिका में आर-पार की जंग: बैरन ट्रंप पर 95 करोड़ के इनाम के दावे से भड़का नया विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच गहराते आर्थिक युद्ध के बीच ईरानी स्टेट टीवी पर बैरन ट्रंप को निशाना बनाने और 95 करोड़ के इनाम का वीडियो सामने आया है। इस कूटनीतिक तनाव ने दोनों देशों के बीच टकराव को चरम पर पहुंचा दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लागू की गई नई आक्रामक नीतियों के जवाब में दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी स्टेट टेलीविजन पर हाल ही में प्रसारित एक वीडियो के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप के परिवार को सीधी धमकी दिए जाने का सनसनीखेज दावा सामने आया है। इस वीडियो में ट्रंप के 20 साल के बेटे बैरन ट्रंप को निशाना बनाने की बात कही गई है और उनकी सटीक लोकेशन बताने पर 95 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा का दावा किया गया है। वीडियो में बैरन के सुरक्षा तंत्र और उनकी कथित ऑनलाइन गतिविधियों का ब्योरा दिया गया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
'Where to Kill Barron Trump' वीडियो से दबाव बनाने की रणनीति
ईरान के सरकारी चैनल 3 पर इस वीडियो को 'Where to Kill Barron Trump' शीर्षक के साथ प्रसारित किया गया, जिसे कूटनीतिक जानकार मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति मान रहे हैं। वीडियो में बैरन ट्रंप के व्यक्तिगत जीवन, उनकी आवाजाही और अमेरिकी सुरक्षा घेरे से जुड़े संवेदनशील तथ्यों को उजागर करने का दावा किया गया है। क्लिप में यह आरोप भी लगाया गया है कि ईरानी तंत्र बैरन की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, जिसमें उनकी ऑनलाइन गेमिंग और निजी बातचीत से जुड़े इनपुट्स भी शामिल हैं।
मेलानिया के बाद बैरन को निशाना बनाना सोची-समझी रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप परिवार के सदस्यों को मनोवैज्ञानिक रूप से घेरना एक पूर्व-नियोजित चाल है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को लेकर भी ऐसा ही वीडियो जारी किया गया था। आईआरजीसी (IRGC) से संबंधित मीडिया द्वारा निर्मित और चैनल 3 पर प्रसारित इस वीडियो में विस्तार से बताया गया है कि 20 वर्षीय बैरन ट्रंप को कहां और कैसे निशाना बनाया जा सकता है। वीडियो में यह तक दावा किया गया है कि वे चौबीसों घंटे निगरानी में हैं और एक लड़की पूर्व में सारी सुरक्षा को भेदकर उनके पास बैठने में सफल रही थी, जिससे यह साबित करने की कोशिश की गई कि सुरक्षा में सेंध लगाना संभव है।
सीक्रेट सर्विस का घेरा और व्हाइट हाउस की संप्रभुता का सवाल
यह पूरा घटनाक्रम सीधे तौर पर अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रंप परिवार की व्यक्तिगत सुरक्षा पर हमला माना जा रहा है। मेलानिया और बैरन ट्रंप दोनों ही सीक्रेट सर्विस के अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहते हैं और उनके निवास स्थलों पर कड़ा पहरा रहता है। ऐसे में किसी विदेशी सरकारी चैनल पर राष्ट्रपति के परिवार की गतिविधियों और सुरक्षा इनपुट्स का खुला प्रदर्शन होना अमेरिकी खुफिया तंत्र और नीति-निर्माताओं के लिए कड़ा कूटनीतिक झटका है।
स्कॉट बेसेंट का आर्थिक प्रहार और होर्मुज की जवाबी जंग
इस नए विवाद की असल जड़ अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान के खिलाफ घोषित किया गया सबसे बड़ा आर्थिक अभियान है। ट्रंप प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य ईरान के सभी वित्तीय संसाधनों और व्यापारिक रास्तों को ब्लॉक करके उसे अपनी शर्तों पर झुकाना है। वहीं, ईरान ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है और पलटवार करते हुए ऐलान किया है कि फारस की खाड़ी की पूरी ब्लॉकिंग की जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की एक भी बूंद नहीं निकलने दी जाएगी।
