हाल ही में सामने आए आंकड़ों और हजारों Hybrid Cars के डेटा ने इस चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सही इस्तेमाल और नियमित सर्विसिंग के साथ Hybrid कारों की बैटरी 2 लाख से 3 लाख किलोमीटर तक आराम से चल सकती है।
करीब 28,500 से ज्यादा Hybrid Cars के डेटा और टेस्ट में यह बात सामने आई कि ज्यादातर बैटरियां उम्मीद से कहीं ज्यादा लंबा प्रदर्शन दे रही हैं। खासतौर पर टोयोटा और होंडा जैसी कंपनियों की Hybrid तकनीक को काफी भरोसेमंद माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार Hybrid Cars में बैटरी पर लगातार पूरा दबाव नहीं पड़ता, क्योंकि इसमें पेट्रोल इंजन और बैटरी दोनों मिलकर काम करते हैं। शहर के ट्रैफिक में यह सिस्टम बैटरी और इंजन के बीच बेहतर संतुलन बनाता है, जिससे बैटरी की लाइफ लंबी होती है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि Hybrid बैटरी को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। नियमित सर्विसिंग और बैटरी हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी है। इसके अलावा कार को लंबे समय तक तेज धूप और अत्यधिक गर्मी में पार्क करने से बचना चाहिए क्योंकि गर्म तापमान बैटरी पर असर डाल सकता है।
कंपनी के ओरिजिनल पार्ट्स और अपडेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी बैटरी की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाए रखता है। वहीं बहुत ज्यादा हार्ड ड्राइविंग और अचानक तेज एक्सीलरेशन बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।
आजकल कई ऑटो कंपनियां Hybrid बैटरी पर 8 साल तक की वारंटी दे रही हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। इससे बैटरी बदलने को लेकर लोगों की चिंता भी काफी कम हो गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि Hybrid Cars अब सिर्फ बेहतर माइलेज ही नहीं बल्कि लंबी बैटरी लाइफ और कम मेंटेनेंस लागत की वजह से भी लोकप्रिय हो रही हैं। ऐसे में अगर आप नई Hybrid Car खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बैटरी लाइफ को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।