MP Cabinet Decisions : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना की पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के पास होगी। पहले यह कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से संचालित किया जाता था। नई व्यवस्था के तहत चयनित स्व-सहायता समूह पोषण आहार तैयार करेंगे और उसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगे। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता बेहतर होगी और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी।
गुणवत्ता मानकों के साथ होगी राशन की आपूर्ति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन तैयार करने वाले स्व-सहायता समूहों के लिए विशेष गुणवत्ता मानक तय किए जाएंगे। इन्हीं मानकों के अनुसार पोषण आहार तैयार, पैक और वितरित किया जाएगा।
वर्तमान में कार्य कर रहे स्व-सहायता समूहों को भी नई व्यवस्था में शामिल रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को बेहतर गुणवत्ता वाला पोषण मिलेगा और पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी।
18 जुलाई की बैठक में UCC मसौदे पर फैसला संभव
21 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले 18 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह बैठक भोपाल जिले के जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे को मंजूरी दी जा सकती है। इसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को विधानसभा सत्र के लिए पूरी तैयारी रखने और सभी सवालों के तथ्यात्मक जवाब देने के निर्देश भी दिए हैं।
GST, पंचायतों और युवाओं को लेकर कई अहम निर्णय
कैबिनेट बैठक में पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया गया। पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई।
इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। GST अपीलीय बोर्ड के गठन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया सरल करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे विशेष रूप से MSME क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
युवा वर्ष 2027 और पौधरोपण अभियान पर जोर
सरकार ने ‘युवा वर्ष 2027’ की तैयारी शुरू करने का फैसला किया है। दिसंबर 2026 तक युवाओं और आम नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर नई योजनाएं तैयार की जाएंगी।
वहीं, बारिश के मौसम में पूरे प्रदेश में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।