सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला।
7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्ता
पीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ।
फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखा
शादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था।
व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथी
शक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था।
जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।