MP First Double Layer Flyover : मप्र का पहला डबल लेयर फ्लाईओवर शुरू, CM बोले- परियोजना शहर ट्रैफिक को बनाएगी सुगम
MP First Double Layer Flyover : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया।
MP First Double Layer Flyover : मध्य प्रदेश। इंदौर को आधुनिक यातायात व्यवस्था की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया। इंदौर के लवकुश चौराहे पर करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फ्लाईओवर को आधुनिक इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाएगी, बल्कि विकसित इंदौर और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को भी मजबूत करेगी।
लवकुश चौराहे पर शुरू हुआ नया फ्लाईओवर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण के दौरान कहा कि इंदौर विकास और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश और देश में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
लवकुश चौराहे पर बना यह डबल लेयर फ्लाईओवर शहर की बढ़ती यातायात जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है। इससे आने वाले समय में ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए यह फ्लाईओवर बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इंदौर-उज्जैन मार्ग पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को कम करने में यह परियोजना बड़ी भूमिका निभाएगी।
इससे यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
तीन स्तर की आधुनिक यातायात व्यवस्था
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था है। पहले स्तर पर लवकुश चौराहे का सामान्य सड़क यातायात चलेगा। दूसरे स्तर पर पहले से मौजूद फ्लाईओवर और मेट्रो रेल कॉरिडोर संचालित होगा।
वहीं, तीसरे स्तर पर नया डबल लेयर फ्लाईओवर बनाया गया है। इस व्यवस्था से चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होगा और बिना रुकावट आवागमन संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने फ्लाईओवर का निरीक्षण भी किया और इसके निर्माण कार्य की सराहना की।
आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण
इस फ्लाईओवर का निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने कराया है। करीब 1,450 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर में 22 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े स्पान का निर्माण किया गया है। इसमें दो-दो 400 टन वजनी स्टील बो-स्ट्रिंग गर्डर लगाए गए हैं।
परियोजना में कुल 800 टन स्टील का उपयोग हुआ है, जो इसे मध्यप्रदेश की प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में शामिल करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की संरचना बड़े शहरों की आधुनिक परिवहन परियोजनाओं में उपयोग की जाती है।
अब इस मार्ग पर दौड़ेंगे वाहन
डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा शुरू होने के बाद अब अरविंदो क्षेत्र से बाणगंगा की ओर जाने वाला यातायात इस मार्ग से संचालित होगा। इससे इस रूट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
फ्लाईओवर की दूसरी भुजा का निर्माण भी अंतिम चरण में है और उसके पूरा होने के बाद पूरी परियोजना शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहर के इस प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी।