मोहन सरकार का बड़ा सियासी दांव: कर्मचारियों का दिल जीतने के लिए हर साल प्रमोशन का किया ऐलान
मध्य प्रदेश की सियासत में सरकारी कर्मचारियों का बड़ा दखल है। इसी वोटबैंक को साधते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा दांव चला है और हर साल नियमित प्रमोशन का ऐलान किया है।
मध्य प्रदेश की सियासत में सरकारी कर्मचारी हमेशा से एक बड़ा और निर्णायक वर्ग रहे हैं। इसी वर्ग को अपने साथ मजबूती से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बहुत बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक ऐलान किया है। उन्होंने शासकीय कर्मचारियों को सीधा संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों की पदोन्नति की रुकी हुई प्रक्रिया अब किसी कीमत पर नहीं रुकेगी। इस साल हर एक विभाग में पदोन्नति के लिए डीपीसी (DPC) शुरू की जाएगी और आगे हर साल नियमित रूप से प्रमोशन का सिलसिला जारी रहेगा।
नियमित डीपीसी से प्रशासनिक ढांचे में आएगी फुर्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और सक्रिय बनाने के लिए कहा कि शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से नियमित कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष सभी विभागों में डीपीसी का काम शुरू होने जा रहा है। इसमें जो भी पात्र कर्मचारी होंगे, उन्हें पदोन्नति का रुका हुआ हक दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा शांत होगा और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
गुड गवर्नेंस के लिए कर्मचारी अधिकारों पर पूरा फोकस
अपनी सरकार की नीतियों का बखान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन, भत्ते और पदोन्नति का लाभ मिलना उनका अधिकार है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने एक राजनेता की तरह नब्ज पकड़ते हुए कहा कि पदोन्नति मिलने के बाद कर्मचारियों के चेहरे पर जो खुशी दिखाई देती है, उससे उनके भीतर नई ऊर्जा का संचार होता है। इसका सकारात्मक असर सरकारी कामकाज और उनके परिवार दोनों पर पड़ता है, जो अंततः सुशासन की नींव मजबूत करता है।
प्रमोशन पर बड़ा सियासी बयान: 'देरी मतलब अन्याय'
कर्मचारियों से सीधा राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव बनाते हुए सीएम मोहन यादव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके अधिकार समय पर मिलना जरूरी है और किसी लाभ में अनावश्यक देरी भी एक तरह से अन्याय के समान है। राज्य सरकार कर्मचारियों को समय पर सभी जरूरी लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का यह प्रयास है कि पदोन्नति की प्रक्रिया नियमित रहे और किसी भी पात्र कर्मचारी को इस हक़ के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।
खेल प्रतिभाओं का सम्मान और संगठनों का जमावड़ा
मंत्रालय में हुए इस भव्य कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक और सामाजिक समरसता का भी उदाहरण दिखा। मुख्यमंत्री के कर्मचारी हित में लिए गए फैसलों के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका दिल से अभिनंदन किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी जागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता अंजली वर्मा को मंच पर सम्मानित कर समाज को एक अच्छा संदेश दिया। कार्यक्रम में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।
भविष्य की सियासत और प्रमोशन का इम्पैक्ट
लंबित प्रमोशन को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए नियमित DPC का यह ऐलान सियासी तौर पर बहुत अहम माना जा रहा है। अगर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ती है तो कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इसका सीधा फायदा सरकार को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि कर्मचारी हित सरकार की प्राथमिकताओं में है और प्रमोशन का क्रम अब नियमित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।


