MP News: जबलपुर के जिला न्यायालय में पकड़ा गया फर्जी वकील, कैसे लगा पुलिस के हाथ? जानिए पूरी खबर
MP News: जबलपुर जिला अदालत में वकीलों की वेशभूषा में घूम रहे एक युवक को अधिवक्ताओं ने संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ लिया। जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

MP News: जबलपुर जिला कोर्ट में मंगलवार शाम एक युवक के फर्जी वकील बनकर घूमने का मामला सामने आया। जिसकी पहचान सचिन ताम्रकार के रूप में हुई। वह काला कोट पहनकर पेशी पर आए लोगों से केस के संबंध में बातचीत कर रहा था। उसकी बातों पर वहां मौजूद अधिवक्ताओं को शक हुआ तो पूछताछ की गई। युवक ने खुद को वकील बताते हुए हाईकोर्ट बार का कार्ड दिखाया, लेकिन जांच में कार्ड फर्जी निकला।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का मिला नकली कार्ड
जांच के दौरान युवक के पास हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का एक कार्ड मिला, लेकिन कार्ड पर दर्ज नंबर का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उसके नकली होने का संदेह गहरा गया। कार्ड पर बार सचिव के हस्ताक्षर भी दर्ज थे। शिकायतकर्ता अरविंद दुबे ने पुलिस से कार्ड की भी जांच कराने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि हाईकोर्ट बार का फर्जी कार्ड कहां और किसने तैयार किया।
घर के बाहर भी लगाया था एडवोकेट का बोर्ड
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सचिन ताम्रकार ने गढ़ा थाना क्षेत्र के ज्योति नगर स्थित अपने घर के बाहर भी एडवोकेट का बोर्ड लगा रखा था। बोर्ड पर उसके नाम के साथ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर और मोबाइल नंबर दर्ज था। पुलिस अब यह पता कर रही है कि सचिन कब से खुद को अधिवक्ता बताकर लोगों से संपर्क कर रहा था और क्या उसने किसी पक्षकार से केस के नाम पर रुपए या अन्य लाभ लिया है। अधिवक्ताओं ने भी लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति को वकील नियुक्त करने से पहले उसकी बार सदस्यता और पहचान संबंधी दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें।
अधिवक्ता की शिकायत पर मामला दर्ज
अधिवक्ताओं ने संदिग्ध युवक को पकड़कर ओमती थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने अधिवक्ता अरविंद दुबे की शिकायत पर सचिन ताम्रकार के खिलाफ बीएनएस की धारा 319-1 और 336-1 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

