मोहन सरकार का मास्टरस्ट्रोक: युवाओं को साधने के लिए 9,662 पदों पर निकाली जा रही पुलिस भर्ती
रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही मोहन यादव सरकार ने अब युवाओं को साधने के लिए 9,662 पदों पर पुलिस भर्ती का बड़ा राजनीतिक दांव चला है। जल्द ही इसका विज्ञापन जारी हो सकता है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में रोजगार हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है, और अब इसी मुद्दे पर युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को खुश करते हुए पुलिस विभाग में जल्द ही बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। प्रदेश में आरक्षक, पुलिस ड्राइवर, उप निरीक्षक (SI) और सूबेदार समेत कुल 9,662 पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को भेज दिया गया है। सरकार की रणनीति है कि इस भर्ती का विज्ञापन सितंबर माह में जारी कर दिया जाए, जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।
रोजगार का राजनीतिक वादा: 9,662 पदों पर भर्ती
विपक्ष लगातार सरकारी विभागों में खाली पदों का मुद्दा उठाता रहा है। इसी दबाव को कम करने और अपना राजनीतिक वादा पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पदों को भरने की यह बड़ी तैयारी की जा रही है। सरकार ने इसके लिए कुल 9,662 पदों का प्रस्ताव ESB को भेजा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को पुलिस विभाग में नौकरी मिलेगी, जिसका सीधा फायदा सरकार को अगले चुनावों में होगा।
आरक्षक से लेकर सूबेदार तक: इन पदों पर होगी नियुक्ति
इस भर्ती अभियान में सिर्फ सिपाही नहीं, बल्कि अधिकारियों के पद भी शामिल किए गए हैं ताकि युवाओं के एक बड़े वर्ग को संतुष्ट किया जा सके। इनमें मुख्य रूप से आरक्षक, पुलिस ड्राइवर, उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) और सूबेदार के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। अलग-अलग पदों की यह भर्ती सरकार के वोटबैंक को मजबूत करेगी। हालांकि, पदवार संख्या और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी विज्ञापन जारी होने के बाद ही आम जनता के सामने स्पष्ट हो सकेगी।
सितंबर में विज्ञापन: चुनावी साल से पहले बड़ा कदम
सरकार की रणनीति इस भर्ती को जल्द से जल्द पूरा करने की है। जानकारी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को भेज दिया गया है। अब उम्मीदवारों को इस राजनीतिक और प्रशासनिक पहल के आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सितंबर माह में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है, जिससे युवाओं के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए।
सीएम डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश का असर
प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और पुलिस विभाग के ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया को तेज करने पर सरकार का पूरा जोर है। इस पूरी कवायद के पीछे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इच्छाशक्ति है। उन्होंने हाल ही में संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए थे कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया में कोई भी लालफीताशाही न हो और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
युवाओं के लिए तैयारी का मौका और सरकार का फायदा
करीब 10 हजार पदों पर प्रस्तावित इस भर्ती से जहां एक तरफ पुलिस की नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर सामने आएगा, वहीं दूसरी तरफ सरकार युवाओं का भरोसा जीतने में कामयाब होगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे ESB और मध्य प्रदेश पुलिस की आधिकारिक भर्ती सूचना जारी होने का इंतजार करें और अपनी तैयारी जारी रखें।
