डिंडौरी में 5 साल से PM आवास का इंतजार: ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ दिया ज्ञापन, सर्वे पूरा… फिर क्यों नहीं मिला लाभ?
डिंडोरी में PM आवास योजना को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ CEO को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि पांच साल से नए आवास स्वीकृत नहीं हुए।
Dindori News: मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले की जनपद पंचायत मेंहदवानी में ग्राम पंचायत पारापानी की महिलाओं और ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। शुक्रवार को ग्रामीणों ने जनपद पंचायत परिसर पहुंचकर CEO पंकज जैन को ज्ञापन सौंपा और पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि करीब पांच साल से नए आवास स्वीकृत नहीं हुए हैं।
पांच साल से आवास स्वीकृत नहीं होने का आरोप
ग्रामीण महिला भगौती बाई के मुताबिक, ग्राम पंचायत में वर्तमान सरपंच कमला बाई और सचिव अर्जुन सिंह मरावी के कार्यकाल में पात्र हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास स्वीकृत नहीं कराए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच साल पहले स्वीकृत आवास पुराने प्रकरणों से संबंधित हैं। वर्तमान कार्यकाल में नए आवासों की स्वीकृति नहीं मिलने से जरूरतमंद परिवार पक्के मकान के लिए इंतजार कर रहे हैं।
पारापानी और तांवरी के परिवारों ने उठाई मांग
ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार, ग्राम पंचायत पारापानी के अंतर्गत तांवरी पोषक ग्राम भी आता है। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों गांवों में वर्तमान कार्यकाल के दौरान किसी भी हितग्राही का नया आवास स्वीकृत नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार अपनी समस्या सरपंच और सचिव के सामने रख चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला। उनका आरोप है कि बार-बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। इसी के चलते ग्रामीणों ने जनपद पंचायत पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
65 आवास पहले स्वीकृत, 282 हितग्राहियों का सर्वे पूरा
जनपद पंचायत मेंहदवानी के CEO पंकज जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले 65 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 282 हितग्राहियों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। CEO के मुताबिक शासन से योजना का लक्ष्य प्राप्त होते ही संबंधित हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को जल्द योजना से जोड़ने और आवास स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है। वहीं, 282 हितग्राहियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शासन से लक्ष्य मिलने के बाद शुरू होने की बात कही गई है।



