‘सनातनी हिंदू की दुकान, श्रद्धालु यहीं से सामान खरीदें’; जबलपुर के खेरमाई मेले में लगाए पोस्टर, मुस्लिम दुकानदारों ने जताई आपत्ति
जबलपुर के बड़ी खेरमाई मंदिर में नवरात्रि मेले के दौरान ‘सनातनी हिंदू की दुकान’ लिखे पोस्टर बांटे जा रहे हैं।
Jabalpur Khermai Mela: जबलपुर स्थित बड़ी खेरमाई मंदिर परिसर में नवरात्रि मेले में विश्व हिंदू महासंघ से जुड़े लोग दुकानदारों को सनातनी हिंदू के दुकान पोस्टर बांट रहे हैं। संगठन श्रद्धालुओं से हिंदू दुकानों को प्राथमिकता देने की अपील कर रहा है। वहीं मेले में दुकान लगाने वाले कुछ मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां कारोबार कर रहे हैं, लेकिन पहले इस तरह का विवाद नहीं हुआ।
दुकानों पर लगाए जा रहे ‘सनातनी हिंदू’ के पोस्टर
मेले में विश्व हिंदू महासंघ से जुड़े लोगों की ओर से दुकानदारों को ऐसे पोस्टर दिए जा रहे हैं, जिन पर भगवान वराह की तस्वीर के साथ लिखा है- ‘यह सनातनी हिंदू की दुकान है।’
संगठन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे खरीदारी करते समय दुकानदारों की धार्मिक पहचान पर ध्यान दें और गैर-हिंदुओं की दुकानों से सामान खरीदने के बजाय हिंदू दुकानों को प्राथमिकता दें।
संगठन ने जताई ‘लव जिहाद’ की आशंका
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास कुमार खरे ने कहा कि इस मुहिम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दुकानदारों की धार्मिक पहचान बताना है। उन्होंने लोगों से खरीदारी करने से पहले ‘जय श्री राम’ और ‘जय माता दी’ कहने की अपील भी की।
खरे ने आरोप लगाया कि मेले में दूसरे समुदाय के लोग भी दुकानें लगाते हैं और कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर कारोबार करते हैं। संगठन ने ऐसी दुकानों के जरिए कथित ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियां होने की आशंका जताई है।
मुस्लिम दुकानदारों ने क्या कहा?
मेले में दुकान लगाने वाले मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां दुकानें लगाते आ रहे हैं। उनके मुताबिक, पहले कभी इस तरह का विवाद सामने नहीं आया था।
वहीं, विश्व हिंदू महासंघ की मांग है कि मंदिर परिसर में दुकानों का आवंटन करते समय दुकानदारों की धार्मिक पहचान को ध्यान में रखा जाए। इस मांग के बीच मेले में दुकान लगाने और आवंटन की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
प्रशासन तक पहुंचा मामला
हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल के मुताबिक, नर्मदा मैदान नगर निगम के अंतर्गत आता है। मामले की जानकारी एसडीएम और नगर निगम के अधिकारियों को पत्र के जरिए भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी अंतिम निर्णय या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
खेरमाई मंदिर का इतिहास
जबलपुर के भानतलैया स्थित बड़ी खेरमाई मंदिर का इतिहास करीब 800 साल पुराना माना जाता है। मंदिर ट्रस्ट के सचिव के अनुसार, प्राचीन समय से यहां मां खेरमाई की पूजा शिला के रूप में होती रही है। यह शिला आज भी गर्भगृह में स्थापित वर्तमान प्रतिमा के नीचे मौजूद है। मंदिर का इतिहास कलचुरी काल से जुड़ा माना जाता है।
मान्यता है कि गोंड राजा मदनशाह मुगल सेना से हारने के बाद इस स्थान पर आए थे। उन्होंने यहां माता की शिला की पूजा की। इसके बाद नई शक्ति और साहस मिलने की मान्यता के साथ उन्होंने दोबारा युद्ध किया और जीत हासिल की।
करीब 500 साल पहले गोंड राजा संग्रामशाह ने यहां प्रतिमा स्थापित कर मढ़िया का निर्माण कराया था। समय के साथ पुराना मंदिर जर्जर हो गया, जिसके बाद जनसहयोग से नए मंदिर का निर्माण कराया गया।








