मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, नेशनल टीचर्स अवॉर्ड में दो शिक्षकों का चयन
केंद्र सरकार की ओर से घोषित नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 में मध्य प्रदेश के दो शिक्षकों का चयन राज्य की शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है। भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला और सीधी के शैलेंद्र प्रताप सिंह को राष्ट्रपति 5 सितंबर को सम्मानित करेंगी।
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति और शिक्षक प्रोत्साहन कार्यक्रमों के तहत घोषित नेशनल टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 की सूची में मध्य प्रदेश ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। देशभर से चुने गए कुल 48 शिक्षकों में से मध्य प्रदेश के दो प्रतिष्ठित शिक्षकों को इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। भोपाल की शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला और सीधी जिले के शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह के इस चयन ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में शैक्षणिक सुधार सही दिशा में बढ़ रहे हैं, जिससे पूरे राज्य के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।
राजधानी के सांदीपनि विद्यालय की शिक्षिका को मिली पहचान
भोपाल स्थित सांदीपनि विद्यालय महात्मा गांधी की शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला के चयन ने शहरी क्षेत्र की उन्नत शिक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और नवाचारों को केंद्र सरकार ने मान्यता दी है। राजधानी के शैक्षणिक संस्थान से जुड़ी शिक्षिका का इस सूची में आना यह दर्शाता है कि संस्थान स्तर पर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर रहे हैं, जिससे पूरे जिले के शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
सीधी के सुदूर कंजवार प्राथमिक स्कूल के शिक्षक का बड़ा मुकाम
सीधी जिले के शासकीय प्राथमिक शाला अगरियान टोला कंजवार के शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह का इस सूची में शामिल होना नीतिगत दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण और पिछड़े अंचलों में बुनियादी स्तर पर कार्य कर रहे प्राथमिक शिक्षक को राष्ट्रीय सम्मान मिलना यह सिद्ध करता है कि सरकारी स्कूलों के जमीनी प्रयासों को शीर्ष स्तर पर तवज्जो मिल रही है। सुदूर ग्रामीण विद्यालय से राष्ट्रीय मंच तक का यह सफर विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को नया आयाम देता है।
26 पुरुष और 22 महिला शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व
केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई 48 शिक्षकों की इस प्रतिष्ठित सूची में लैंगिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है, जिसमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षकों को शामिल किया गया है। विभिन्न राज्यों और भौगोलिक परिस्थितियों से आने वाले इन शिक्षकों को उनके असाधारण शिक्षण कौशल, समर्पण और समाज निर्माण में दी गई सेवाओं के आधार पर चुना गया है, जिससे देश भर के शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए नया प्रोत्साहन मिलेगा।
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति भवन में होगा गरिमामय सम्मान
आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सभी चयनित शिक्षकों को पुरस्कृत करेंगी। इस राष्ट्रीय मंच पर मध्य प्रदेश की डॉ. अर्चना शुक्ला और शैलेंद्र प्रताप सिंह भी राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। दोनों शिक्षकों का यह सम्मान मध्य प्रदेश की शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

