टीकमगढ़ में जनता के बीच पहुंचे सीएम मोहन यादव, सादगी से लस्सी पीकर जीता लोगों का दिल
जनता के बीच अपनी सादगी की छवि को मजबूत करते हुए सीएम मोहन यादव ने टीकमगढ़ में अचानक काफिला रुकवाकर लस्सी पी। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों से संवाद कर बुंदेलखंडी उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित किया कि वे आम जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने में विश्वास रखते हैं। टीकमगढ़ प्रवास के दौरान शनिवार सुबह उनका एक बेहद सादगी भरा और सहज रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल से हटकर रास्ते में अचानक अपना काफिला रुकवाया और सड़क किनारे स्थित एक स्थानीय दुकान पर पहुंचकर ठंडी लस्सी पी। सत्ता के शीर्ष पर बैठे नेता को यूं आमजन के बीच देखकर वहां मौजूद नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया।
प्रोटोकॉल तोड़कर दुकान पर पहुंचे सीएम, लगी भीड़
दौरे के बीच जब सीएम का काफिला तेजी से आगे बढ़ रहा था, तभी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लस्सी की एक छोटी दुकान पर रुकने का निर्देश दिया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घेरा बनाया, लेकिन सीएम सीधे दुकान पर पहुंच गए और वहां मौजूद आम नागरिकों से बेहद अपनेपन के साथ बातें करने लगे। मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित कदम को देखकर आसपास के व्यापारियों और राहगीरों की बड़ी भीड़ वहां इकट्ठा हो गई।
लस्सी का स्वाद चखा, सोशल मीडिया पर बनी चर्चा
मुख्यमंत्री ने दुकान पर बैठकर लस्सी की चुस्की ली और उसके पारंपरिक जायके की सराहना की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने इस खास पल के वीडियो और तस्वीरें अपने कैमरों में कैद कीं, जो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगीं। राजनीतिक गलियारों में भी सीएम के इस जनहितैषी और जमीनी अंदाज की खूब सराहना हो रही है।
दुकानदार के सम्मान के साथ निभाया नियम, चुकाए लस्सी के पैसे
लस्सी का आनंद लेने के बाद जब मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से पैसे निकालकर दुकानदार को दिए, तो दुकानदार ने श्रद्धा और सम्मान में पैसे लेने से मना कर दिया। लेकिन मुख्यमंत्री ने सादगी और कर्तव्य का उदाहरण पेश करते हुए बिना भुगतान किए जाने से इनकार कर दिया और जबरन लस्सी के पैसे चुकाए। इस घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
बुंदेलखंड की संस्कृति और 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश
दुकान पर बैठकर सीएम ने छोटे व्यापारियों और नागरिकों से टीकमगढ़ के स्थानीय कारोबार और पहचान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड और टीकमगढ़ की अपनी समृद्ध खानपान और सांस्कृतिक विरासत हैं। स्थानीय उत्पादों और छोटे दुकानदारों को सशक्त बनाने के लिए समाज का सहयोग बेहद जरूरी है। सीएम का यह प्रयास जमीनी स्तर पर छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने वाला संदेश दे गया।

