1 नवंबर से बदल जाएगी आपकी रोजमर्रा की व्यवस्था? जानें LPG, पेंशन और GST के 7 अपडेट
1 नवंबर 2026 से LPG, पेंशन, टैक्स रिटर्न, GST, PNB क्रेडिट कार्ड, FASTag और मोबाइल कॉलर पहचान में होने वाले बदलाव पढ़ें।

नवंबर 2026 में पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की समयसीमा का ध्यान रखना होगा, जबकि टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं को ITR दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। इसके अलावा LPG की कीमतों की समीक्षा होगी और GST के कुछ नए प्रावधान लागू होंगे। बैंकिंग, टोल भुगतान और मोबाइल कॉलर की पहचान से जुड़े अपडेट भी 1 नवंबर से अहम हो सकते हैं।
1. LPG के नए दाम पर रहेगी उपभोक्ताओं की नजर
नवंबर की पहली तारीख को LPG उपभोक्ताओं की नजर घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों पर रहेगी। सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के रेट की समीक्षा करती हैं। इस आधार पर 1 नवंबर को नई कीमतें जारी होने की संभावना है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव से होटल और रेस्टोरेंट जैसे कारोबार प्रभावित हो सकते हैं, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट बदलने से आम परिवारों का रसोई खर्च बढ़ या घट सकता है। अभी नवंबर के लिए किसी नए रेट की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही वास्तविक कीमत का पता चलेगा।
2. पेंशन पाने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी
सरकारी पेंशनर्स के लिए नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का समय शुरू हो रहा है। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से यह प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे और उन्हें 30 नवंबर 2026 तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 80 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए यह सुविधा 1 अक्टूबर से उपलब्ध है। जीवन प्रमाण पत्र के जरिए पेंशन विभाग को यह जानकारी मिलती है कि पेंशनर जीवित है और उसे पेंशन जारी रखी जा सकती है। तय समय में प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। इसे बैंक में जाकर जमा करने के साथ-साथ डिजिटल जीवन प्रमाण यानी Jeevan Pramaan के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। डिजिटल विकल्प में आधार आधारित पहचान और फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा शामिल है।
3. टैक्स ऑडिट श्रेणी के लिए 21 नवंबर तक ITR फाइल करने का मौका
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तारीख में कुछ करदाताओं को राहत मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 और असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए जिन कारोबारियों, कंपनियों, फर्मों और पेशेवरों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, वे अब 21 नवंबर 2026 तक ITR दाखिल कर सकते हैं। इनकी पुरानी समयसीमा 31 अक्टूबर थी, जिसे आगे बढ़ाया गया है। यह विस्तार सभी करदाताओं के लिए नहीं है। सामान्य वेतनभोगी लोगों को अपनी रिटर्न की तारीख अलग से जांचनी चाहिए और केवल इस बदलाव के आधार पर 21 नवंबर को अपनी अंतिम तारीख नहीं मानना चाहिए।
4. कारोबारियों के लिए GST के कुछ नियम होंगे नए
1 नवंबर से GST के संशोधित प्रावधानों का एक हिस्सा लागू होगा। इसका संबंध खासतौर पर बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट और क्रेडिट नोट से है। नई व्यवस्था में कारोबारी तय शर्तें पूरी करने पर ऐसे डिस्काउंट को टैक्सेबल वैल्यू से कम कर सकेंगे। इसके लिए क्रेडिट नोट जारी करने के साथ खरीदार को संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्स करना होगा। इसके अलावा इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में पात्र कारोबारियों के रिफंड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य रिफंड की प्रक्रिया को सरल बनाना और कारोबारियों की फंसी हुई रकम वापस मिलने में आसानी पैदा करना है।
5. PNB क्रेडिट कार्ड के चार्ज में बदलाव
पंजाब नेशनल बैंक ने अपने कुछ Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज में बदलाव करने का फैसला किया है। ये नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी। संशोधित सूची में चुनिंदा कार्ड पर नकद निकासी, लेट पेमेंट और यूटिलिटी बिल भुगतान से जुड़े शुल्क शामिल हैं। कुछ कार्डधारकों को रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन के लिए भी निर्धारित फीस देनी पड़ सकती है। यह बदलाव PNB के हर क्रेडिट कार्ड पर लागू नहीं होगा। इसलिए ग्राहकों को अपने कार्ड की कैटेगरी के मुताबिक बैंक की नई फीस सूची देखनी चाहिए। लागू शुल्क पर अतिरिक्त टैक्स भी लग सकता है।
6. FASTag लोकल पास से चुनिंदा वाहन मालिकों को फायदा
राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा के नजदीक रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए लोकल FASTag पास की सुविधा 1 नवंबर से शुरू होने जा रही है। इसके तहत संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोग सालाना पास बनवा सकेंगे। कुछ टोल प्लाजा के लिए इसकी फीस 1,500 रुपये सालाना और नगर सीमा के भीतर आने वाले निर्धारित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये तय की गई है। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। दूसरे टोल प्लाजा पर इसका उपयोग या ट्रांसफर संभव नहीं होगा। सभी टोल प्लाजा पर यह सुविधा नहीं मिलेगी, इसलिए आवेदन से पहले NHAI या FASTag के आधिकारिक माध्यम से जानकारी लेना जरूरी है।
7. CNAP से अनजान कॉल की पहचान हो सकती है आसान
मोबाइल पर आने वाली कॉल के दौरान कॉल करने वाले का सत्यापित नाम दिखाने वाली तकनीक को Calling Name Presentation यानी CNAP कहा जाता है। इस सुविधा का मकसद अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान में मदद करना है। जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर से 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर इसे लागू करने की व्यवस्था है। हालांकि, यह सुविधा टेलीकॉम ऑपरेटरों की तकनीकी तैयारी और नेटवर्क पर निर्भर करेगी। इसलिए सभी मोबाइल यूजर्स को 1 नवंबर से ही हर कॉल पर नाम दिखाई देने लगे, ऐसा जरूरी नहीं है।











