स्कूल में शिक्षक नहीं मिले तो कलेक्टर बनीं टीचर! डिंडौरी में शिक्षक पर शराब पीकर आने का आरोप, जांच के निर्देश
डिंडोरी के चौरा माल गांव की प्राथमिक शाला में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को शिक्षक अनुपस्थित मिले।


Dindori News: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था जांचने निकलीं कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को एक प्राथमिक शाला में शिक्षक ही नहीं मिले। शनिवार को चौरा माल गांव के स्कूल पहुंचने पर उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के बारे में बातचीत की और खुद जमीन पर बैठकर उन्हें पढ़ाया। शिक्षक की गैरमौजूदगी पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षक पर नियमित रूप से स्कूल नहीं आने और शराब पीकर स्कूल पहुंचने के आरोप भी लगाए। कलेक्टर ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाएं भी देखीं
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया अधिकारियों के साथ चौरा माल गांव पहुंची थीं। उनके साथ जिला पंचायत CEO दिव्यांशु चौधरी और जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव भी मौजूद थे।
टीम ने सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की जानकारी ली और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्कूल पहुंचीं तो शिक्षक मिले अनुपस्थित
आंगनबाड़ी केंद्र के बाद कलेक्टर प्राथमिक शाला पहुंचीं। यहां उन्होंने बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे और उनकी शैक्षणिक जानकारी परखी। इसी दौरान स्कूल में पदस्थ शिक्षक कमल सिंह मरावी अनुपस्थित मिले। शिक्षक की गैरमौजूदगी देखकर कलेक्टर ने सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव को उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने खुद बच्चों को पढ़ाया और उनसे बातचीत की।
शिक्षक पर शराब पीकर आने का आरोप
स्कूल में शिक्षक की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने अपनी शिकायत रखी। उनका आरोप था कि शिक्षक अक्सर स्कूल से गायब रहते हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं। शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने को कहा। शराब पीकर स्कूल आने के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अधिकारियों को तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की उपस्थिति पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शिक्षक की अनुपस्थिति सामने आने के बाद अब संबंधित विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई करनी है। वहीं, ग्रामीणों की शिकायतों के बाद शिक्षक की नियमित उपस्थिति और स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी।


