जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय के उद्घाटन में पहुंचे CM मोहन यादव, राहुल गांधी पर कसा तंज, बोले- कुछ लोगों को नहीं पता ज्ञापन कहां देना है
जबलपुर में CM मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को ज्ञापन और याचिका की प्रक्रिया नहीं पता।

MP News: सीएम मोहन यादव शनिवार को जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में एमपी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे सहित न्यायिक और अधिवक्ता समुदाय के कई लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान सीएम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भी जानकारी नहीं है कि ज्ञापन कहां देना चाहिए और याचिका कहां दायर करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। उनके मुताबिक, विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संविधान की रक्षा सभी का साझा उद्देश्य होना चाहिए।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को ज्ञापन देने और याचिका दायर करने की प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन टिप्पणी को कांग्रेस नेता से जोड़कर देखा गया। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में न्यायपालिका की अहम भूमिका है। उन्होंने भारत के पड़ोसी देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया।
सरकार ने 900 से ज्यादा अनुपयोगी कानून खत्म किए: CM
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने के बाद 900 से अधिक अनुपयोगी कानून समाप्त किए गए हैं। उनका कहना था कि पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर व्यवस्था को सरल बनाने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में उसकी भूमिका अहम है।
चीफ जस्टिस बोले- बार और बेंच में सम्मान जरूरी
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि बार और बेंच के संबंध आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता और पेशेवर ईमानदारी पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और लोकतंत्र के अलग-अलग स्तंभों की जिम्मेदारियां भले ही अलग हों, लेकिन सभी का उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रखना है। हर व्यक्ति को बिना किसी डर या पक्षपात के निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सभी की प्रतिबद्धता बनी रहनी चाहिए।
एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह की भूमिका की सराहना
मुख्य न्यायाधीश ने एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह के कार्यालय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय अधिवक्ताओं को अनुभव हासिल करने और अपनी पेशेवर क्षमता विकसित करने का अवसर देता है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मान और सहयोग के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री, साथी न्यायाधीशों, एडवोकेट जनरल, आयोजकों और अधिवक्ता समुदाय का आभार जताया।
सीएम ने चीफ जस्टिस का किया स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे जबलपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम में कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता भी मौजूद रहे।





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