भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ यात्रा, नड्डा बोले- कांग्रेस अपना इतिहास देखे
भोपाल में भाजपा की पदयात्रा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस के लोकतंत्र संबंधी दावों पर सवाल उठाए। CM मोहन यादव ने भी पार्टी के पुराने रिकॉर्ड का जिक्र किया।

भाजपा ने बुधवार को भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली। अटल पथ पर हुई सभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि जिस पार्टी के शासनकाल में करीब 90 बार चुनी हुई सरकारें बर्खास्त की गईं, वह लोकतंत्र बचाने की बात कैसे कर सकती है। नड्डा ने आपातकाल के दौरान अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया और कहा कि उन्हें कॉलेज की क्लास से उठाकर ले जाया गया था। उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर देश को अस्थिर करने के प्रयास का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कहा कि लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।
आपातकाल और चुनी हुई सरकारों की बर्खास्तगी का जिक्र
जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में करीब 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया गया। उन्होंने आपातकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई गई और बड़ी संख्या में लोगों को जेल में रखा गया। नड्डा ने कहा, “इमरजेंसी के दौरान मुझे क्लासरूम से उठाकर ले जाया गया था।” उन्होंने दावा किया कि आपातकाल में करीब 1 लाख 30 हजार लोगों को जेल में डाला गया था। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने अंग्रेजों से भी ज्यादा समय तक लोगों को जेल में रखा।
राहुल गांधी को आत्मचिंतन की सलाह
नड्डा ने राहुल गांधी को ‘अबोध बालक’ कहा और आत्मचिंतन करने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राजनीति को कॉलेज की तरह ले रहे हैं। नड्डा ने उनकी राजनीति के तरीके को पत्थर मारकर भाग जाने जैसा बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस समझ चुकी है कि जनता उसे आसानी से सत्ता में वापस नहीं आने देगी, इसलिए वह देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर कांग्रेस पर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नतीजे आने के बाद आयोग को बेईमान बताते हैं और चुनाव प्रक्रिया पर संदेह जताते हैं। नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि इससे मतदाता सूची दुरुस्त हुई और गलत तरीके से किसी का वोट नहीं काटा गया। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जाली वोटों के सहारे चुनाव जीतना चाहती थी। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि हार के बावजूद कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
CM मोहन यादव ने संवैधानिक संस्थाओं का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने और चुनाव आयोग को अपनी जेब की पुड़िया समझने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के खिलाफ अदालत का फैसला आने पर पार्टी न्यायाधीशों और न्यायपालिका पर सवाल उठाती है। CM ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का पुराना रिकॉर्ड उसके लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को संविधान की मर्यादा और न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करना चाहिए।
हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों पर सवाल किए
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी की राजनीति को ‘आरोप लगाओ और भाग जाओ’ वाला बताया। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस कोई ठोस सबूत नहीं दे पाई। खंडेलवाल ने कर्नाटक का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां आरोप लगाने के 477 दिन बाद भी कांग्रेस की ओर से जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने विदेशी ताकतों के सहयोग से भारत को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि पदयात्रा इसी कथित अराजकता के खिलाफ निकाली गई।
तिरंगा लेकर चले युवा, जगह-जगह हुआ स्वागत
पदयात्रा में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए। मंत्री विश्वास सारंग अपने समर्थकों के साथ पैदल चले और थर्ड जेंडर समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। युवाओं ने तिरंगा लेकर ‘राम जी की निकली सवारी’ गीत पर नृत्य किया। यात्रा का कई जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान राहुल गांधी को प्रतीकात्मक रूप से रावण के रूप में दिखाने वाला चित्रण सामने आया। सभा में पहुंचीं कुछ मुस्लिम महिलाओं ने ‘तीन तलाक’ लिखा बैनर लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बैनर अलग रख दिए गए।








