किसानों के लिए राहत भरी खबर:रबी सीजन में MP को मिलेगी 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली, 4.75 रुपए प्रति यूनिट होगी दर
रबी सीजन में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित की है।

MP Additional Power Allocation: रबी सीजन में किसानों और दूसरे बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित की है। यह बिजली ईस्टर्न रीजन अनअलोकेटेड पावर पूल से NTPC के माध्यम से मिलेगी। आवंटन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसके लिए बिजली की दर करीब 4.75 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है।
रबी सीजन में सिंचाई के कारण बिजली की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा घरेलू, औद्योगिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं की जरूरतें भी बनी रहती हैं। ऐसे में अतिरिक्त बिजली मिलने से प्रदेश को मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
ईस्टर्न रीजन पावर पूल से मिलेगी बिजली
मध्यप्रदेश को आवंटित 250 मेगावाट बिजली ईस्टर्न रीजन अनअलोकेटेड पावर पूल से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए NTPC के माध्यम से बिजली की आपूर्ति होगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के प्रयासों से प्रदेश को यह अतिरिक्त बिजली मिली है। सरकार को उम्मीद है कि इससे रबी सीजन में बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
4.75 रुपए प्रति यूनिट तय हुई दर
आवंटित बिजली की दर करीब 4.75 रुपए प्रति यूनिट रखी गई है। इस दर पर अतिरिक्त बिजली मिलने से प्रदेश को जरूरत के समय बिजली खरीदने का एक और विकल्प मिलेगा। इससे आपूर्ति बनाए रखने और खरीद की लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
विद्युत मंत्रालय ने CEA को दिए निर्देश
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने आवंटन को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित पक्षों को भी इसकी जानकारी देने को कहा गया है। बिजली की खरीद और उपयोग के लिए विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) सहित अन्य व्यावसायिक औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी।
रबी सीजन में बिजली आपूर्ति को मिलेगी मदद
रबी फसलों की सिंचाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने से मध्यप्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था को सहारा मिल सकता है। इससे कृषि कार्यों के साथ दूसरे उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।









