पटवारियों से सरकार की सुलह: सीएम मोहन यादव की बैठक के बाद थमा टकराव
सीएम और पटवारी संघ की बैठक के बाद स्वामित्व योजना पर विवाद सुलझा। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से भी हुई थी बात।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ शुक्रवार शाम हुई बैठक के बाद स्वामित्व योजना पर सरकार और पटवारी संघ की तकरार थम गई है। संघ अब 12 अक्टूबर से योजना का काम दोबारा शुरू करेगा। पटवारी मांगों के लिए सामूहिक अवकाश पर चल रहे थे और इससे जमीनों के पंजीयन का काम प्रभावित हो रहा था।
उप मुख्यमंत्री से बात के बाद भी नहीं माने थे पटवारी
मामला न सुलझा तो पटवारी संघ के पदाधिकारी उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मिले। 9 अक्टूबर की इस बैठक के बाद भी संघ ने कहा था कि मांगें पूरी होने तक वह काम पर नहीं लौटेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री से हुई बातचीत में सहमति बनी और हालात बदले।
विवाद की शुरुआत सरकार की कार्रवाई से हुई थी। योजना में उम्मीद के मुताबिक काम न होने पर कई जिलों में कार्रवाई की गई। 8 अक्टूबर की नईदुनिया रिपोर्ट के अनुसार सात जिलों में 27 प्रोबेशनर पटवारियों की सेवाएं खत्म हुईं। विरोध में संघ ने सामूहिक अवकाश और सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने का फैसला लिया था।
कानूनी संरक्षण और कार्रवाई वापसी पर क्या सहमति बनी
पटवारियों की मुख्य मांग थी कि पंजीयन विवादों में उन्हें कानूनी सुरक्षा मिले, आंदोलन के दौरान की गई विभागीय कार्रवाई वापस हो और वेतन की समस्याएं सुलझें। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक स्वामित्व योजना में काम करने वाले पटवारियों को कानूनी संरक्षण देने के लिए जरूरी आदेश जारी किए जाएंगे। पटवारियों को डर था कि जमीन के रिकॉर्ड या पंजीयन के किसी विवाद में उन पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, इसलिए वे सुरक्षा के स्पष्ट नियम मांग रहे थे।
बैठक में 17 सितंबर के बाद पटवारियों पर हुई विभागीय कार्रवाई वापस लेने पर भी सहमति की बात सामने आई है। पर इन फैसलों के लिए सरकारी आदेश जरूरी है, इसलिए असल स्थिति आदेश आने के बाद ही साफ होगी।
वेतन की मांग पर आश्वासन, 27 अक्टूबर पर नजर
भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर के अनुसार वेतन विसंगति और दूसरी आर्थिक मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया। वेतन विसंगति पर आयोग बनने के बाद आगे विचार करने की बात कही गई है। 27 अक्टूबर को होने वाले पटवारियों के महासम्मेलन में आर्थिक मांगों पर घोषणा का आश्वासन भी मिला है। अब संघ की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर रहेगी।
50 लाख संपत्तियों का लक्ष्य और मुख्यमंत्री कार्यालय की जानकारी
स्वामित्व योजना में ग्रामीण इलाकों की संपत्तियों का रिकॉर्ड बन रहा है और लोगों को संपत्ति के दस्तावेज दिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में करीब 50 लाख संपत्तियों के पंजीयन का लक्ष्य है। पटवारियों की भूमिका अहम है, इसलिए उनके लौटने से प्रक्रिया फिर आगे बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी बैठक की जानकारी साझा की। पटवारी संघ ने योजना का काम पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। अब 12 अक्टूबर से काम शुरू होने और सरकार के वादों पर अमल का इंतजार है।









