छिंदवाड़ा में 32 पटवारियों को नौकरी से हटाने नोटिस: स्वामित्व योजना में लापरवाही पर हुआ एक्शन
छिंदवाड़ा में स्वामित्व योजना के काम को लेकर पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। प्रशासन ने 32 परिवीक्षाधीन पटवारियों को बर्खास्तगी के अंतिम नोटिस जारी किए।
Chhindwara Patwari Protest: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री को लेकर पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। योजना के तहत रजिस्ट्री में निष्पादक की जिम्मेदारी दिए जाने का विरोध कर रहे पटवारी 17 तारीख से यह काम नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को पटवारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रशासन ने स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही का हवाला देते हुए जिले के 32 परिवीक्षाधीन पटवारियों को सेवा से बर्खास्त करने के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिए।
17 सितंबर से काम का विरोध कर रहे पटवारी
प्रांतीय पटवारी संघ के आह्वान पर पटवारी 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री में निष्पादक की जिम्मेदारी दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। पटवारियों का कहना है कि इस काम में कई व्यावहारिक और तकनीकी समस्याएं हैं। इन दिक्कतों को लेकर मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और कलेक्टर को पहले भी ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।
गुरुवार दोपहर पटवारियों ने एक बार फिर अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। हालांकि, इसी दिन शाम को 32 परिवीक्षाधीन पटवारियों के खिलाफ बर्खास्तगी के लिए अंतिम नोटिस जारी होने से विवाद और बढ़ गया।
पटवारी बोले- सरकारी काम करने को तैयार
तहसील अध्यक्ष राजेंद्र कुमार डोबले ने कहा कि पटवारी सरकारी काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री में निष्पादक की जिम्मेदारी से उन्हें हटाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस काम में आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किए बिना पटवारियों पर यह जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है।
‘जमीन पटवारी के नाम नहीं’
राजेंद्र कुमार डोबले के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत किसानों को मिले पट्टों की रजिस्ट्री में पटवारी को निष्पादक बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जमीन पटवारी के नाम पर नहीं है, तो उसे विक्रेता के रूप में रजिस्ट्री कराने की जिम्मेदारी किस आधार पर दी जा रही है।
पटवारी संघ का दावा है कि इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी विरोध हो रहा है। संघ के अनुसार, देवास और रतलाम सहित अन्य जिलों में भी पटवारियों पर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2020 बैच के परिवीक्षाधीन पटवारियों पर कार्रवाई और कुछ मामलों में सेवा समाप्ति की जानकारी भी सामने आई है।
प्रशासन ने 32 पटवारियों को दिया अंतिम नोटिस
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही का हवाला दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, जिले के 32 परिवीक्षाधीन पटवारियों के बर्खास्तगी संबंधी आदेश जल्द तामील कराए जाएंगे। इसके साथ ही उनके बस्ते वापस लेने की कार्रवाई भी की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वामित्व योजना के काम में आगे भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पटवारी संघ ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
एक ही दिन में पटवारियों के विरोध और प्रशासन की कार्रवाई सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। पटवारी संघ ने सरकार से हस्तक्षेप कर अपनी मांगों पर विचार करने और की गई कार्रवाई की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
क्या है स्वामित्व योजना ?
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क पंजीकरण के लिए ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों का मुफ्त पंजीकरण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का वैध दस्तावेजीकरण प्राप्त होगा। यह कदम केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के उद्देश्यों को आगे बढ़ाता है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण भारत में संपत्ति विवादों को कम करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
अब यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है और पटवारियों की मांगों पर कोई समाधान निकलता है या नहीं।




