CM मोहन यादव ऐलान 2027 से पीएससी परीक्षा दो बार कराने का वादा और 25 हजार रिसर्च फंड का भी ऐलान
मध्य प्रदेश में युवाओं की नाराजगी दूर करने और उन्हें अपने पाले में लाने के लिए सरकार ने मंगलवार को भोपाल से एक बहुत बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक दांव चला है।

मध्य प्रदेश में युवा वर्ग हमेशा से एक बड़ा फैक्टर रहा है। इसी मंगलवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' का बहुत ही सुनियोजित आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़े नेता की तरह प्रदेशभर से आए 20 हजार से ज्यादा युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। यह पूरी कवायद सिर्फ एक इवेंट नहीं थी, बल्कि रोजगार, शिक्षा और स्टार्टअप के बहाने युवाओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश थी कि सरकार उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह से गंभीर है।
MPPSC का वो दांव जो दूर करेगा सालों की निराशा
राजनीतिक नजरिए से देखें तो इस कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी हाईलाइट पीएससी परीक्षा को लेकर लिया गया फैसला है। सालों से लेट-लतीफी झेल रहे युवाओं को राहत देते हुए सीएम ने घोषणा की कि 2027 से मध्य प्रदेश में MPPSC की परीक्षा साल में दो बार होगी। यह एक ऐसा फैसला है जो सीधे तौर पर लाखों छात्रों को सरकार के पक्ष में कर सकता है। इसके अलावा, हायर एजुकेशन में रिसर्च करने वाले युवाओं को हर महीने 25 हजार रुपये की फेलोशिप देने का ऐलान भी सरकार की एक बहुत ही सधी हुई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
12 नई यूनिवर्सिटी और फ्यूचर टेक्नोलॉजी का विजन
सरकार का जोर सिर्फ पुरानी नौकरियों पर नहीं है, बल्कि वो कल के वोटर्स को कल की तकनीक से लुभाना चाहती है। सीएम ने अगले साल को ‘युवा वर्ष’ घोषित करते हुए प्रदेश में 12 नई यूनिवर्सिटी खोलने का बड़ा रोडमैप पेश किया। इसके साथ ही युवाओं को एआई (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे आधुनिक सेक्टर्स में करियर बनाने के सपने दिखाए गए, ताकि युवा यह समझें कि सरकार की नीतियां दुनिया के साथ कदम मिलाकर चल रही हैं।
17 विभागों की ताकत और सेडमैप का स्टार्टअप प्लान
इस बड़े आयोजन को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने अपने 17 विभागों की पूरी ताकत झोंक दी। लाल परेड मैदान में 80 से ज्यादा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जो यह दिखाते हैं कि प्रशासन युवाओं के लिए कितना एक्टिव है। मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप के जरिए सरकार ने सीधा मैसेज दिया कि युवा अब नौकरी के भरोसे न बैठें, बल्कि इनोवेशन के जरिए खुद का कारोबार खड़ा करें। रोजगार देने वाले बनने का यह नारा राजनीतिक रूप से बेरोजगारी के मुद्दे को थोड़ा हल्का करने की एक अच्छी कोशिश है।
सुरक्षा के भरोसे के साथ जुबिन नौटियाल का तड़का
चुनावी और सामाजिक नजरिए से युवाओं को सुरक्षित माहौल देना भी बहुत जरूरी है। इसलिए इस कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता जैसे मुद्दों को बहुत ही प्रमुखता से उठाया गया। युवाओं को लुभाने का कोई भी मौका न छोड़ते हुए सरकार ने मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे का शानदार कॉन्सर्ट भी रखवाया। कुल मिलाकर, रोजगार की पक्की बात से लेकर मनोरंजन तक, यह कार्यक्रम युवाओं को साधने का एक बहुत ही परफेक्ट पैकेज साबित हुआ।








