कटनी का स्लीमनाबाद अब होगा हरिदासपुर! जिला प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव, रेलवे स्टेशन और डाकघर का नाम भी बदलने की तैयारी
कटनी के स्लीमनाबाद का नाम हरिदासपुर करने के लिए जिला प्रशासन ने आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन को 14 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है।
Sleemanabad Name Change: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ऐतिहासिक कस्बे स्लीमनाबाद का नाम बदलकर हरिदासपुर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने नाम परिवर्तन से जुड़ी 14 बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर बुधवार को आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश को भेज दी है। प्रस्ताव में स्लीमनाबाद रोड रेलवे स्टेशन और स्थानीय मुख्य डाकघर का नाम बदलने का विषय भी शामिल है। हालांकि, नाम परिवर्तन के लिए अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था प्रस्ताव
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की ओर से लंबे समय से कस्बे का नाम संत हरिदास जी महाराज के नाम पर रखने की मांग की जा रही है। ग्राम सभा में इस संबंध में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र जुटाए।
आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन को भेजा गया प्रस्ताव
इस प्रक्रिया में एसडीएम बहोरीबंद, तहसीलदार स्लीमनाबाद, जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन के प्रबंधक और जबलपुर संभाग के प्रवर अधीक्षक डाकघर से रिपोर्ट ली गई।
विभागीय प्रतिवेदनों के आधार पर 14 बिंदुओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे अब समीक्षा और स्वीकृति के लिए आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन को भेजा गया है।
संत हरिदास जी की तपोभूमि को बताया जा रहा प्रमुख आधार
नाम परिवर्तन के पीछे क्षेत्र की धार्मिक आस्था और संत हरिदास जी महाराज से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं को प्रमुख आधार बताया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्लीमनाबाद संत हरिदास जी की साधना और तपोभूमि रहा है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर बंगला भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
नाम बदलने की मांग कर रहे लोगों का कहना है कि कस्बे की पहचान संत हरिदास जी महाराज के नाम से होनी चाहिए। इसी मांग के आधार पर स्लीमनाबाद का नाम हरिदासपुर करने की पहल की गई है।
1843 में ब्रिटिश अधिकारी के नाम पर पड़ा था स्लीमनाबाद
ऐतिहासिक दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 1843 में ब्रिटिश अधिकारी कर्नल विलियम हेनरी स्लीमन ने स्थानीय मालगुजार गोविंद से करीब 96 एकड़ जमीन लेकर यहां बस्ती बसाई थी। इसके बाद इस स्थान का नाम स्लीमनाबाद पड़ा।
राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 1909-10 में इस स्थान का नाम ‘कोहका उर्फ स्लीमनाबाद’ दर्ज था। बाद में वर्ष 1989-90 के बंदोबस्त के दौरान राजस्व अभिलेखों में इसका नाम पूरी तरह स्लीमनाबाद दर्ज किया गया।
रेलवे स्टेशन और डाकघर का नाम भी बदलने का प्रस्ताव
प्रस्ताव में केवल कस्बे का नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि स्लीमनाबाद रोड रेलवे स्टेशन और स्थानीय मुख्य डाकघर का नाम भी हरिदासपुर करने का विषय शामिल है।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे और डाक विभाग के अधिकारियों की ओर से भी नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर पूर्व सहमति दी गई है।
अब राज्य शासन और केंद्र की मंजूरी का इंतजार
जिला प्रशासन की ओर से 14 बिंदुओं की रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब प्रस्ताव की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद राज्य शासन की प्रक्रिया पूरी होने पर इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजा जाएगा।
नाम परिवर्तन तभी आधिकारिक रूप से लागू होगा, जब संबंधित स्तरों से मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। फिलहाल स्लीमनाबाद का नाम हरिदासपुर करने का प्रस्ताव प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।




