खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर समुद्री व्यापार पर भी दिखा, एमटी काजिमाह पर हमले के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार हुई अलर्ट
खाड़ी देशों के बीच चल रही तनातनी का असर अब समंदर में भी दिखने लगा है। होर्मुज में एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने भारतीय एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

खाड़ी की टेंशन का समुद्री रास्तों पर बुरा असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में जो तनातनी चल रही है, उसकी आंच अब समंदर के रास्तों तक पहुंच गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत का झंडा लगे एक तेल टैंकर एमटी काजिमाह III (MT Kazimah III) पर जिस तरह से प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है, उसने पूरी दुनिया की व्यापारिक चेन को हिलाकर रख दिया है। इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल उन नाविकों की सुरक्षा का उठ खड़ा हुआ है, जो इस इलाके में काम करते हैं। यही वजह है कि हमले के तुरंत बाद भारतीय एजेंसियों ने भी अपनी निगरानी कई गुना तेज कर दी है।
टोगो जा रहे जहाज को बनाया गया निशाना
जो खबर निकलकर सामने आई है, उसके हिसाब से शुक्रवार को यह कुवैती जहाज कच्चा तेल लेकर टोगो के लोमे बंदरगाह के लिए निकला था। होर्मुज से गुजरते वक्त ही इस पर प्रोजेक्टाइल से वार कर दिया गया। भारत के लिए यह हमला इसलिए ज्यादा संवेदनशील था क्योंकि इस जहाज पर 5 भारतीय नागरिक ड्यूटी पर थे। हमले की भनक लगते ही ओमान में हमारे भारतीय दूतावास ने बिना देरी किए लोकल अधिकारियों से संपर्क साधा और एक बेहतरीन रेस्क्यू अभियान चलाकर अपने सभी पांचों नागरिकों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया।
अज्ञात हमलावरों ने बढ़ाई कूटनीतिक चिंता
भारतीय मिशन ने इस कामयाब रेस्क्यू के बाद ओमान के अधिकारियों का आभार जताया, क्योंकि उनके सही समय पर दिए गए सहयोग से हमारे सभी नागरिक एकदम सुरक्षित हैं। किसी भी भारतीय को खरोंच तक नहीं आई है। लेकिन कूटनीतिक नजरिए से देखें तो चिंता की बात यह है कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इस टैंकर पर हमला किया किसने था। इस इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल है, ऐसे में इस अज्ञात हमले ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
सरकार की नजर में हैं 4500 से ज्यादा नाविक
इस पूरे इलाके में भारतीयों की मौजूदगी बहुत बड़ी है, जिसका खुलासा खुद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को किया था। उन्होंने बताया था कि फारस की खाड़ी के पास अलग-अलग जहाजों पर हमारे 4,500 से ज्यादा नाविक तैनात हैं। अगर हम सिर्फ भारत से जुड़े व्यापार की बात करें तो 6 जहाज भारत के झंडे वाले हैं, जबकि 6 विदेशी जहाज भारत का कार्गो लेकर चल रहे हैं। इन 12 खास जहाजों पर 163 भारतीय सवार हैं। अब इस नए हमले को देखते हुए भारतीय शिपिंग मंत्रालय और विदेशों में बैठे हमारे मिशन इन सभी की पल-पल की मूवमेंट ट्रैक कर रहे हैं।





