इजरायल की सत्ता से नेतन्याहू की विदाई? आइज़ेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ!
इजरायल में सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। अरब पार्टियों जॉइंट लिस्ट और राआम ने गादी आइसेनकोट के समर्थन में सिफारिश की है।

Gadi Eisenkot: इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए आम चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट की चुनौती मजबूत होती दिखाई दे रही है। अरब पार्टियों के गठबंधन 'जॉइंट लिस्ट' और अरब नेतृत्व वाली 'राआम' पार्टी ने आइसेनकोट को अगला प्रधानमंत्री बनाने के लिए समर्थन देने की सिफारिश की है। इसके बाद उन्हें 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) के 67 सांसदों का समर्थन मिल गया है।
हालांकि, यह समर्थन राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने के लिए नाम की सिफारिश के तौर पर है। अभी आइसेनकोट की सरकार बनने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
अरब पार्टियों के समर्थन से आइसेनकोट को 67 सांसदों का साथ
'द टाइम्स ऑफ इजरायल' और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉइंट लिस्ट ने गुरुवार को आइसेनकोट के समर्थन का ऐलान किया। पार्टी राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से औपचारिक रूप से सिफारिश करेगी कि सरकार बनाने की जिम्मेदारी आइसेनकोट को सौंपी जाए।
इससे पहले राआम पार्टी के 8 सांसद भी आइसेनकोट के समर्थन में सिफारिश कर चुके थे। जॉइंट लिस्ट के 11 सांसदों के समर्थन के साथ अरब पार्टियों के कुल 19 सांसद उनके पक्ष में आ गए हैं। विपक्षी दलों के 48 सांसदों को मिलाकर यह संख्या 67 हो जाती है।
नेतन्याहू के गठबंधन के पास 53 सीटें
इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। चुनाव परिणामों के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 27 सीटें मिलीं, जबकि आइसेनकोट की यशार पार्टी ने 21 सीटें हासिल कीं।
नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 53 सीटें हैं। वहीं आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के पास 48 सीटें हैं। अरब नेतृत्व वाली पार्टियों ने कुल 19 सीटें जीती हैं। ऐसे में सरकार गठन की प्रक्रिया में इन पार्टियों की भूमिका अहम हो गई है।
नेतन्याहू को सभी सहयोगियों का समर्थन नहीं
नेतन्याहू के लिए मुश्किल यह भी है कि उनके कुछ सहयोगी दलों ने उन्हें समर्थन देने को लेकर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म पार्टी ने किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में राष्ट्रपति से सिफारिश नहीं करने का फैसला किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू के पक्ष में 46 सांसदों ने सिफारिश की है, जबकि आइसेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन मिला है। हालांकि, राष्ट्रपति के सामने की गई सिफारिशें और संसद में सरकार के पक्ष में मिलने वाला अंतिम समर्थन अलग-अलग राजनीतिक प्रक्रियाएं हैं।
राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग करेंगे अगला फैसला
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग सरकार गठन के लिए किस नेता को जिम्मेदारी सौंपनी है, इस पर फैसला करेंगे। नामित उम्मीदवार को सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय मिलेगा। जरूरत पड़ने पर 14 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है।
इसलिए 67 सांसदों की सिफारिश के बावजूद आइसेनकोट के सामने सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर सरकार बनाने की चुनौती रहेगी। दूसरी ओर, जब तक नई सरकार नहीं बनती, नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।





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