लूला दा सिल्वा चौथी बार बने ब्राजील के राष्ट्रपति: 80 की उम्र में संभालेंगे सत्ता, PM मोदी ने दी बधाई
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। पहले दौर में पीछे रहने के बाद लूला ने दूसरे दौर में 51.79% वोट हासिल किए।

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Lula da Silva: ब्राजील में 80 साल के लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया है। लूला ने 2022 के चुनाव में फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को भी हराया था। यह जीत इसलिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 1985 में सैन्य तानाशाही खत्म होने के बाद पहली बार कोई उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद दूसरे दौर में जीत दर्ज करने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उन्हें बधाई दी और कहा कि वह भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद जीता चुनाव
लूला की यह जीत ऐसे समय में हुई है, जब चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, अपराध और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे रहे। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, 1989 में प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव की वापसी के बाद यह पहली बार है, जब कोई उम्मीदवार पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव जीता है। पहले दौर की वोटिंग में लूला, फ्लावियो बोल्सोनारो से पिछड़ गए थे, लेकिन दूसरे दौर में बाजी पलट दी। फ्लावियो को पहले चरण में 47% वोट मिले थे। वहीं लूला को 45.16% वोट मिले थे।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को उनकी 'शानदार जीत' पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे दोनों देशों के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा और व्यापक बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति लुला को उनके शानदार पुनर्निर्वाचन पर हार्दिक बधाई। मैं भारत-ब्राजील की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा और व्यापक बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हूं।
लूला चौथी बार संभालेंगे सत्ता
लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया है। लूला की जीत के बाद लैटिन अमेरिका के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों, मैक्सिको और ब्राजील में वाम-मध्य विचारधारा वाले नेता सत्ता में हैं। ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी GDP 2.6 ट्रिलियन डॉलर सालाना है। ऐसे में, ब्राजील के पास ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ दबाव के बावजूद अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने और स्वतंत्र आर्थिक नीति अपनाने की गुंजाइश है।
महंगाई और अपराध बने चुनाव के बड़े मुद्दे
इस चुनाव में महंगाई, रोजगार और अपराध जैसे मुद्दों का खास असर देखने को मिला। बोल्सोनारो ने अपराध पर सख्ती बरतने और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें कम करने का वादा किया था। दूसरी ओर, लूला ने सामाजिक कल्याण योजनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को अपने प्रचार का अहम हिस्सा बनाया। पहले दौर में पिछड़ने के बाद लूला ने अपने अभियान में बदलाव किया और युवाओं समेत अलग-अलग वर्गों के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की।
भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल जा चुके हैं लूला
लूला और बोल्सोनारो, दोनों का राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है। लूला भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भी जा चुके हैं, लेकिन बाद में उनकी सजा रद्द कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद उनकी सजा को निरस्त कर दिया था। इसके बाद लूला ने राजनीति में वापसी की और बोल्सोनारो के खिलाफ अपनी चुनौती मजबूत की।
मजदूर से राष्ट्रपति तक का सफर
लूला ने 1970 के दशक में एक यूनियन नेता के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'वर्कर्स पार्टी' की स्थापना में मदद की। वे इस पार्टी की ओर से तीन बार राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने और आखिरकार 2002 में चुनाव जीत गए। चार साल बाद वे फिर से चुने गए, और 2010 में उनके मंत्रिमंडल की एक मंत्री, डिल्मा रूसेफ ने उनका स्थान लिया। 2014 में वे फिर से चुनी गईं।










